
Doctors fight in operation theatre woman loses newborn
जोधपुर में शुक्रवार 6 अक्टूबर को वायरल हुए वीडियो में एक निजी क्लिनिक चलाने वाले डॉक्टर अपनी सभी नैतिक मर्यादाएं लांघ दी थीं। हालांकि ये कोई पहला मामला नहीं है, जब जोधपुर में डॉक्टर्स हैवान बन गए थे। दो महीने पहले ही डॉक्टर्स की आपसी रंजिश ने खूनी रूप लिया था, जिसकी कीमत एक मासूम नवजात ने जान देकर चुकाई थी।
ये है पूरा मामला
जोधपुर में डॉ. सम्पूर्णानंद मेडिकल कॉलेज के अधीन संचालित उम्मेद अस्पताल में 29 अगस्त की सुबह एक गर्भवती महिला के ऑपरेशन के दौरान दो डॉक्टर आपस में झगड़ पड़े। गर्भस्थ शिशु की धड़कन कम होने की वजह से यह एक इमरजेंसी ऑपरेशन था। गर्भवती अनिता पत्नी संदीप का पेट खुला (चीरा लगा) था और ऑपरेशन चल रहा था। इधर, स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. अशोक नैनवाल और निषेचतना विशेषज्ञ डॉ. एमएल टाक आपस में तू-तू मैं-मैं कर रहे थे। कमी सिर्फ इतनी ही रह गई थी कि उन्होंने एक-दूसरे पर हाथ नहीं उठाया। आधे घण्टे की गर्मागर्मी के दौरान ओटी में अन्य डॉक्टर तमाशा देख रहे थे। ऑपरेशन के कुछ देर बाद धड़कन कम होने के कारण नवजात ने दम तोड़ दिया। उस नवजात की मां काफी दिन अस्पताल में भर्ती रही।
ओटी में ही मौजूद एक अस्पतालकर्मी ने इस घटना का वीडियो बनाकर वायरल कर दिया। वीडियो वायरल होते ही मेडिकल कॉलेज ने प्राथमिक तौर पर दोनों डॉक्टरों को हटा दिया। डॉ. टाक को एमडीएम अस्पताल भेज दिया। साथ ही मामले की पूरी जांच के लिए कमेटी गठित की। कॉलेज ने अनुशासनहीनता का मामला बना कर सरकार को कार्रवाई करने के लिए रिपोर्ट भी भेजी थी। देर रात डॉ. नैनवाल बर्खास्त, डॉ.टाक जयपुर तलबराज्य सरकार ने देर रात मेडिकल कॉलेज के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अशोक नैनवाल को बर्खास्त कर दिया। डॉ. नैनवाल अर्र्जेंट टैम्परेरी बेस पर कार्यरत थे। उधर प्रोफेसर एमएल टाक की फाइल कार्मिक विभाग भेजी गई थी। मेडिकल कॉलेज ने डॉ.नैवाल को रात को ही रिलीव कर दिया। डॉ. टाक को जयपुर तलब किया गया।
Published on:
07 Oct 2017 04:53 pm
