
निगम की बैठक में एेसा क्या बोल गए विपक्ष के नेता
जोधपुर नगर निगम सभागार में शनिवार को हुई साधारण सभा की बैठक में निगम का बजट पारित किया गया। जिसमें बजट आय-व्यय के ब्यौरें साथ सत्ता व विपक्षी पार्षदों के मुद्दों को लेकर छाया रहा। सुबह 11 बजे शुरू हुई साधारण सभा की बैठक शाम 4 बजे तक चली। जिसमें बजट अभिभाषण के अलावा पार्षदों ने शहर के विकास को लेकर विभिन्न मुद्दों पर अपनी मांगें, सुझाव रखे।
पहले वाले प्रोजेक्ट के क्या हाल है?
निगम में विपक्ष के नेता राजेन्द्रसिंह सोलंकी ने इस बजट को हवाई बजट बताते हुए कहा कि बोर्ड की ओर से गत वर्ष घोषित बजट के प्रोजेक्ट्स के क्या हाल है? वे प्रोजेक्ट ही पूरे हुए नहीं है। सोलंकी ने कहा कि बजट में शहर के विकास होने जैसी कोई नई बात नहीं है। स्वच्छ भारत अभियान चल रहा है लेकिन शहर के सभी वार्डो में गंदगी, कचरे के ढेर है। वार्डो में जगह-जगह कचरे से भरे डस्टबिन की सुध नहीं लेने वाला नहीं है। भैरव नाला सहित शहर के विभिन्न नालों की स्थिति खराब है। उन्होंने कहा कि अपने कार्यकाल के दौरान महापौर ऐसा कार्य नहीं कर पाए जो मील का पत्थर साबित हो।
कई योजनाएं निगम के बूते की नहीं
सत्ता पक्ष के पार्षद राजेन्द्र गहलोत ने बजट अभिभाषण के दौरान अपना पक्ष रखते हुए कहा कि स्थानीय निकाय के रूप में कार्य कर रहे निगम को शहर के विकास के बारे में गंभीरता से सोचना पड़ेगा। शहर के विकास के लिए कई योजनाएं चल रही है या प्रस्तावित है, वे वास्तव में सफलतापूर्वक पूरी करना निगम के बूते की बात नहीं है। इसलिए राज्य व केन्द्र सरकार से मांग करनी ही होगी। निगम के पास घंटाघर के अलावा आय का बड़ा साधन नहीं है, ऐसे में महापौर को राज्य सरकार से शहर के विकास के लिए 2 हजार करोड़ की मांग करनी होगी। निगम को नालो, सड़कों, रोड लाइट्स आदि को दुरुस्त करने पर भी काम करना होगा। निगम को जयपुर की तर्ज पर अलग-अलग सेक्टर के लिए अलग मार्केट डवलप करने की जरूरत है।
Published on:
11 Feb 2018 08:20 am

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