दीपावली के दिन बंदियों को हलवे का भोजन करवाया गया। जेल में ही बंदियों के लिए विशेष मिष्ठान का प्रबंध किया गया। करीब १५०० बंदियों को हलवा खिलाया गया। रामा श्यामा के दिन कुछ बंदी आपस में मिल कर शुभकामनाएं दे रहे थे, इस दौरान पुरानी रंजिश को लेकर बंदियों के दो गुटों में कहासुनी हो गई। मौके पर मौजूद जेल अधीक्षक विक्रमसिंह ने समझाइश कर मामला शांत करवाया। जेल अधीक्षक ने बताया कि बैरक में आने की बात को लेकर बंदियों में कहासुनी हो गई थी, लेकिन समझाइश के बाद मामला सुलझ गया। बंदियों के परिजन भी उन्हें मिष्ठान देने के लिए जेल पहुंचे।