12 जनवरी 2026,

सोमवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

जोधपुर में सर्दी बढऩे के साथ ही जल संकट की आहट, जानें क्या कह रहा है जलदाय विभाग

सर्दी में जल संकट की आहट, क्लोजर की तैयारी  

2 min read
Google source verification

जोधपुर

image

Chen Raj

Oct 30, 2017

water supply in Jodhpur

water supply in Jodhpur

सर्दी के दिनों में शहर में पर्याप्त जलापूर्ति की आस लगाए बैठे शहरवासियों के लिए निराशाजनक खबर है। सर्दी बढऩे के साथ ही जलदाय विभाग शहर में जलापूर्ति को कम कर देगा, इससे जल संकट पैदा हो सकता है। साथ ही जैसलमेर के मदासर से जोधपुर आने वाली कैनाल की सफाई के कारण अब विभाग को क्लोजर लेना पड़ेगा। फिलहाल जलदाय महकमा पानी के स्टॉक में जुटा हुआ है। पर्याप्त पानी कायलाना में स्टॉक होते ही क्लोजर ले लिया जाएगा। संभवत: दिसम्बर माह में यह संभव है।

अभी 13 एमसीएफटी पानी रोजाना शहर को


जलदाय विभाग की मानें तो कायलाना व तखत सागर में मिलाकर वर्तमान में 258.25 एमसीएफटी पानी जमा है। रोजाना शहर में 13 एमसीएफटी की जलापूर्ति की जा रही है। 100 एमसीएफटी डेथ स्टोरेज तय कर रखा है। इसके बाद 158 एमसीएफटी पानी बचता है यानि शहर के लिए दस से पन्द्रह दिन के पानी का इन जल स्रोतो में स्टोरेज है। जिस कैनाल से पानी जोधपुर आता है, उसकी दो साल से सफाई नहीं हुई है। ऐसे में इस कैनाल में रेत काफी बढ़ गई है। वहां से पानी पूरा जोधपुर नहीं पहुंच रहा है। इस कैनाल की सफाई के लिए कायलाना व तखत सागर में पानी का स्टॉक करना जरूरी है, ताकि क्लोजर लिया जा सके। इसके लिए विभाग सर्दी का इंतजार कर रहा है। सर्दी बढऩे के साथ ही रोजाना की जा रही आपूर्ति की मात्रा कम कर दी जाएगी। दिसम्बर माह में क्लोजर लेकर कैनाल की सफाई की जाएगी।

200 किलोमीटर कैनाल में 15 प्रतिशत ही पाइपलाइन

जैसलमेर के मदासर से जोधपुर आ रही कैनाल करीब दो सौ किलोमीटर लम्बी है। जोधपुर के निकट केवल तीस किलोमीटर तक ही पाइपलाइन है, शेष जगहों पर कैनाल खुली है। इस कारण आंधियों व हवा के कारण इसमें मिट्टी की मात्रा अधिक हो गई हैं।

क्लोजर का प्लान


सर्दी में वर्तमान जलापूर्ति की तुलना में कुछ आपूर्ति कम की जाएगी। कैनाल की सफाई के लिए क्लोजर का प्लान बना रहे हैं, जो दिसम्बर माह में संभव है। दिन-रात मजदूर लगाकर यह काम किया जाएगा, ताकि शहरवासियों को परेशानी नहीं हो। - कैलाश रामदेव, एसई, सिटी, पीएचईडी, जोधपुर