पेड़ के नीचे बैठकर पढ़ाई करते बच्चों के नजारे गांव-ढाणियों के सरकारी स्कूलों में तो देखे होंगे, लेकिन शिक्षा के सर्वोच्च संस्थान में एेसा नजारा हो तो क्या कहिएगा। जी हां, प्रदेश के बड़े शिक्षा संस्थानों में शुमार जयनारायण विश्वविद्यालय में प्रोफेसर पेड़ की छांव में बीए मनोविज्ञान के छात्रों को पढ़ाते हैं। प्रदेश के दूसरे बड़े शहर के इस विश्वविद्यालय में ये हाल खुद विवि प्रशासन की अनदेखी का नतीजा है। इतना ही नहीं, अति तो तब हो गई, जब छात्रों ने इन हालात का विरोध। इस विवि प्रशासन ने छात्रों के विरोध के बाद निकट ही बने गैराज में कक्षा संचालित करने के निर्देश दे डाले।दरअसल, विश्वविद्यालय के पुराना परिसर में स्थित सायंकालीन अध्ययन संस्थान में संचालित मनोविज्ञान विभाग की प्रयोगशाला विवि प्रशासन ने छात्रसंघ कार्यालय के लिए आवंटित कर दी है। विवि प्रशासन के दबाव में विभागाध्यक्ष प्रो. एलएन बुनकर ने प्रयोगशाला की चाबी अधिकारियों को सौंप दी। अब बीए मनोविज्ञान के छात्रों के लिए पेड़ के नीचे बैठकर पढ़ाई करने के अलावा कोई चारा नहीं बचा। विवि का मनोविज्ञान विभाग नया परिसर में है, जहां स्नातकोत्तर कक्षाएं चलती हैं। स्नातक स्तर पर मनोविज्ञान विषय लेने वाले छात्रों के लिए कक्षा पुराना परिसर स्थित सायंकालीन अध्ययन संस्थान में लगती है। वहां स्नातक के छात्रों के लिए मनोविज्ञान प्रयोगशाला बनी हुई है। इसी सप्ताह विवि के कुलपति प्रो. आरपी सिंह ने प्रयोगशाला छात्रसंघ कार्यालय के लिए आवंटित कर दी। विवि कर्मचारियों ने वहां ताला लगा दिया। उसके बाद पिछले दिन अर्पिता कक्कड़ सहित अन्य शिक्षक बीए प्रथम वर्ष की कक्षा पेड़ के नीचे लगा रहे हैं। छात्र वहां पढ़ाई कर रहे हैं, लेकिन प्रायोगिक कार्य बंद है।