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दो पंचायतों के बीच फुटबॉल बना मेरसिया गांव!

पीपाड़सिटी (जोधपुर). पंचायत समिति का सीमावर्ती गांव राज्य सरकार की पंचायत पुनर्गठन प्रक्रिया में फुटबॉल बनकर रह गया है।

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पीपाड़सिटी (जोधपुर). पंचायत समिति का सीमावर्ती गांव राज्य सरकार की पंचायत पुनर्गठन प्रक्रिया में फुटबॉल बनकर रह गया है। इसके चलते यहां के मतदाताओं में आक्रोश है। इसके साथ पंचायत चुनाव में मतदान का बहिष्कार करने जैसे कड़े कदम उठाने पर गंभीरता से मंथन करना शुरू किया है।


पीपाड़सिटी पंचायत समिति की ग्राम पंचायत पालड़ीसिद्धा में मेरसिया गांव सन 2014 तक शामिल था। लेकिन पूर्व राज्य सरकार के शासन में पुनर्गठन प्रक्रिया में इस गांव को चौकड़ी कलां पंचायत में भेज दिया। हालात यह रहे कि मेरसिया गांव के ग्रामीणों को अपने पंचायत मुख्यालय तक जाने के लिए सत्रह किमी की दूरी तय करने को मजबूर होना पड़ा।


प्रथम गजट में राहत


गहलोत सरकार के शासन में 2019 में पंचायत पुनर्गठन प्रक्रिया में ग्रामीणों को राहत देते हुए 16 नवम्बर को जारी गजट में पालड़ीसिद्धा ग्राम पंचायत में शामिल करते हुए चौकड़ी कलां राजस्व गांव को ही ग्राम पंचायत रखा गया। मेरसिया गांव की पालड़ीसिद्धा से दूरी मात्र पांच किमी ही है। सरकार के निर्णय से ग्रामीणों में खुशी की लहर दौड़ पड़ी।


दूसरे गजट में पासा पलटा


राज्य सरकार ने मंत्री समूह की बैठक के बाद जब 2 दिसम्बर को गजट नोटिफिकेशन जारी किया तो उपजिला प्रशासन, जिला कलक्टर की पुरानी रिपोटर्स को दरकिनारे करते हुए मेरसिया गांव को पुन: चौकड़ी कलां ग्राम पंचायत में शामिल कर दिया। अचानक नियमों के विपरीत किए बदलाव से ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया।

सामाजिक कार्यकर्ता माधुसिंह मेड़तिया ने बदलाव को लेकर मुख्यमंत्री, पंचायत राज मंत्री, परिवहन मंत्री के साथ पंचायत पुनर्गठन मंत्री समूह सदस्यों तक फरियाद की लेकिन राहत मिलने की उम्मीद नहीं दिखी तो मेरसिया के लोगों ने उच्च न्यायालय में याचिका पेश कर न्याय की फरियाद की।


फिर लौटी खुशियां


राजस्थान उच्च न्यायालय ने पंचायत पुर्नगठन को लेकर विभिन्न याचिकाओं का सामूहिक निस्तारण करते 16 नवम्बर के बाद कि अधिसूचना को अवैध घोषित किया तो मेरासिया गांव पुन: पालड़ी सिद्धा पंचायत में शामिल होने से यहां के 528 मतदाताओं में खुशी की लहर दौड़ पड़ी।


इन्होंने कहा


मुख्यमंत्री ने मेरासिया को पालड़ी सिद्धा पंचायत में रखने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब न्यायालय के निर्णय से ग्रामीणों को राहत मिल गई।


-माधुसिंह मेड़तिया, सामाजिक कार्यकर्ता, मेरासिया।


हाईकोर्ट के 13 दिसम्बर के निर्णय के अनुसार मेरासिया अब पालड़ीसिद्धा पंचायत का भाग होगा।

-शैतानसिंह राजपुरोहित, उपजिला कलक्टर (पंचायत). पीपाड़सिटी।