
पथराव के बाद शांति व्याप्त होने पर बदमाशों को पकड़कर थाने ले जाती पुलिस।
जोधपुर.
ईदगाह के गेट निकालने से उपजे विवाद व सहमति के बाद पथराव से एक बार फिर सूरसागर का व्यापारियों का मोहल्ला व आस-पास का क्षेत्र शुक्रवार देर रात सहम सा गया। मकानों की छतों व गलियों से पथराव का आलम ऐसा था कि मोहल्ले में प्रवेश करने के साथ ही न सिर्फ मुख्य रोड बल्कि छोटी-छोटी गलियों में सड़कों पर भारी-भरकम पत्थर ही पत्थर फैल गए। कुछ घरों को निशाना बनाकर भयंकर पथराव किए गए। लोगों में खौफ व्याप्त हो गया। बदमाशों ने पुलिस पर भी पथराव किए।
चौहाबो थानाधिकारी नीतिन दवे के मुंह पर गम्भीर चोट आई। उन्हें निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस आरएसी व एसटीएफ के जवानों को हालात काबू करने में खासी मशक्कत करनी पड़ी। आखिरकार आंसू गैस के 4-5 गोले भी छोड़ने पड़े। देर रात विधायक देवेन्द्र जोशी व अतुल भंसाली भी मौके पर पहुंचे और हालात की जानकारी ली।
भारी पुलिस लवाजमे के बावजूद लोग छतों से पत्थर फेंकते रहे। हेलमेट पहने पुलिसकर्मियों ने ढाल से बचाव करते हुए हालात नियंत्रित किए। एकबारगी शांति होने पर पुलिस, आरएसी व एसटीएफ के जवानों ने मोर्चा संभाला और व्यापारियों का मोहल्ला में एक-एक घर की तलाशी ली। बदमाशी करके घरों में छुपने वालों को पकड़-पकड़कर बाहर निकाल थाने ले जाया गया। करीब डेढ़ दर्जन से अधिक लोगों को पकड़ा गया है।
पुलिस ने डण्डेफटकारकर लोगों को घरों में भेजने का प्रयास किया। दुकान जलने वाली गली में भारी भीड़ जमा हो गई। पुलिस की सख्ती के बावजूद भीड़ हटी नहीं। तब पुलिस को चार-पांच आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। धमाकों से लोगों में खौफ व्याप्त हो गया।
लोगों ने भारी-भरकम पत्थर फेंके थे। पुलिस पहुंची तो उनको भी निशाना बनाया गया। जिससे एकबारगी पुलिस भी पीछे हट गई। बाद में भारी पुलिस बल पहुंचा तो लाठीचार्ज किया गया।
व्यापारियों का मोहल्ला व आम्बों का बास में दो गुटों के तीन किशोरों में गुरुवार को मारपीट हुई थी। परस्पर विरोधी मामले दर्ज हैं। इसको लेकर गुरुवार रात थाने के बाहर प्रदर्शन भी किया गया था। अंदर ही अंदर सुगबुगाहट व विरोध के स्वर उठने लगे थे। आखिरकार पथराव और बवाल हो गया।
पुलिस ने पथराव करने वाले कुछ युवकों की पहचान की है। इनमें आरिफ प्रमुख बताया जाता है। इनके खिलाफ देर रात एफआइआर दर्ज की जा रही थी। कई और लोगों की पहचान करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
बवाल के चलते कमिश्नरेट के सभी अधिकारियों को सूरसागर भेजा गया। ऐहतियात के तौर पर शहर के दूसरे हिस्सों में चौकसी बरती गई।जगह-जगह पुलिस तैनात नजर आई।
अप्रेल 2019 : रामनवमी शोभायात्रा की समाप्ति के बाद व्यापारियों का मोहल्ला में अचानक पथराव से बवाल हो गया था। घरों में पथराव किए गए थे। दुकान व वाहनों को आग लगा दी गई थी। कई लोग घायल हुए थे।
जून 2022 : मामूली विवाद के बाद झगड़ा हो गया था। जिससे तनाव व्याप्त हो गया था।
Published on:
22 Jun 2024 02:20 am
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