जोधपुर। इंदिरा गांधी कैनाल के 65 दिन के क्लोजर के बाद गुरुवार आधी रात बाद जोधपुर पानी पहुंचा। शुक्रवार सुबह साढ़े दस बजे जन स्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग के अधिकारियों ने पानी का पूजन किया। इस बार पीएचईडी की जल बचत और कुशल प्रबंधन के चलते शहर में नहरबंदी के दौरान पहली बार पेयजल किल्लत नहीं झेलनी पड़ी।
प्रदेश में जयपुर सहित 16 बड़े शहरों में पीएचईडी को पेयजल संकट के चलते वाटर टैंकर चलाने पड़े, लेकिन जोधपुर शहर में इसकी नौबत ही नहीं आई। नहरबंदी के दौरान कायलाना-तख्तसागर और सुरपुरा बांध लबालब भरे रहे। नहरबंदी के दौरान पीएचईडी ने इन जलाशयों में पानी आपातकाल के रिजर्व रखा। नहर में पोंडिंग सिस्टम से संचित पानी से पेयजल जरूरत को पूरा किया गया।