
जोधपुर/आऊ। इसे कुदरत का करिश्मा कहें या हार्मोन का असंतुलन, एक ढ़ाई साल की बछड़ी रोजाना एक किलो दूध दे रही है। आमतौर पर गाय जब बछड़े-बछड़ी को जन्म देती है या गर्भवती होती है उसके बाद ही दूध देना शुरू करती है। मगर इस बछड़ी ने गर्भवती होने से पहले ही दूध देना शुरू कर दिया है।
धार्मिक आस्था से जोड़ा
बछड़ी के मालिक हनुमानसागर नयाबेरा मूंजासर निवासी सोनाराम पुत्र पांचाराम विश्नोई ने बताया कि बछड़ी के थन से चार दिन पहले अचानक दूध झरना शुरू हो गया। उसे दुहना शुरू किया तो एक किलो दूध निकल आया।
पिछले चार दिन से यह रोजाना सुबह शाम दोनों वक्त दूध दे रही है। सोनाराम इसे धार्मिक आस्था से जोडक़र बताते है कि पहले तो हमें विश्वास ही नहीं हुआ, मगर फिर याद आया कि भगवान जाम्भोजी भी दो साल की बछड़ी का दूध पीते थे। हमारे लिए तो यह कुदरत की लीला से कम नहीं है।
गर्भवती होने की भी जांच करवाई
सोनाराम ने बताया कि पहले तो हमें शंका हुई की बछड़ी के कहीं गर्भ तो नहीं था जो गिर गया हो। तब लोहावट से पशुचिकित्सक डॉ.प्रदीप विश्नोई को बुलाकर जांच करवाई तो उन्होंने कहा कि इसे एक दिन भूखा रखा जाए तब पूरा पता चलेगा कि गर्भवती है या नहीं तो एक दिन भूखा रखने पर जब शनिवार को दुबारा डॉ.विश्नोई आए और चैक करने के बाद बताया कि बछड़ी गर्भवती नहीं है।
बछड़ी के दूध देने की बात सुनने पर सतराम गोदारा, जगदीश महाराज चिमाणा, कंवरलाल गोदारा व पूराराम प्रजापत सहित कई लोग मौके पर आए व दूध दुहते देख सभी आश्चर्यचकित रह गए ग्रामीणों ने कहा कि एेसा शास्त्रों में सुना जरुर था लेकिन आंखों से पहली बार एेसा देखा।
हार्मोन्स विकृति से संभव
बछड़ी के दूध देने जैसी ही एक एेसी घटना एकबार पल्ली में मेघवालों की ढाणी में एक छोटी बकरी के दूध देने की सामने आई थी। आज की घटना के बारे में मैनें जोधपुर विशेषज्ञ डॉक्टर से भी बात की तो उन्होंने कहा कि एेसा हार्मोन्स विकृति से हो सकता है।
डॉ.प्रदीप विश्नोई, पशुचिकित्सक लोहावट
Published on:
15 Jul 2018 04:13 pm
