1 फ़रवरी 2026,

रविवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

आ​खिर क्यों सुसाइड सेंटर बनता जा रहा है जोधपुर का CRPF सेंटर

3 साल में 3 जवानों का सुसाइड - 2019 में इंस्पेक्टर, 2021 में सब इंस्पेक्टर और 2022 में कांस्टेबल ने खत्म की जीवन लीला

2 min read
Google source verification
,

Open Firing by CRPF constable : पत्नी व पुत्री संग क्वार्टर में बंद जवान ने किए हवाई फायर,Open Firing by CRPF constable : पत्नी व पुत्री संग क्वार्टर में बंद जवान ने किए हवाई फायर

गजेंद्र सिंह दहिया
जोधपुर. पालड़ी खिचियां स्थित केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के रिक्रूट ट्रेनिंग सेंटर (RTC) को शुरू सिर्फ 3 साल ही हुए हैं और इन 3 साल में तीन जवानों ने आत्महत्या कर ली है। तीनों ही जवान भारी मानसिक दबाव में थे। लगातार आत्महत्या के बाद जोधपुर आरटीसी पर उंगलियां उठने लगी है। सोमवार सुबह जब नरेश जाट ने गोली मारकर आत्महत्या की तब दिसंबर 2021 में आत्महत्या करने वाले विकास कुमार की पत्नी आरटीसी के बाहर पहुंची और मीडिया से बात करते हुए आरटीसी के अंदर भारी भ्रष्टाचार और मानसिक दबाव की बात कही। विकास की पत्नी कविता बोली कि उसे अपने पति के लिए इंसाफ चाहिए।

केंद्र सरकार ने वर्ष 2014 में जोधपुर में सीआरपीएफ के रिक्रूट ट्रेनिंग सेंटर को मंजूरी दी थी जिससे पश्चिमी राजस्थान के युवाओं को भी अपने घर के पास ही सीआरपीएफ में प्रशिक्षण का मौका मिल सके। शुरुआत में इसे श्रीगंगानगर स्थित सूरतगढ़ में संचालित किया गया। पालडी खिचियां में खुद का भवन बनने के बाद जुलाई 2019 में सूरतगढ़ से यहां शिफ्ट कर दिया गया। वर्ष 2019 में ही यहां सबसे पहले आत्महत्या की वारदात हुई।

1 बिल्डिंग का ले-आउट बनाने में शामिल थे संदीप
मेरठ निवासी संदीप गिरी इंस्पेक्टर पद पर थे। वे इंजीनियर थे और आरटीसी के भवन निर्माण की प्रक्रिया से जुड़े थे। भवन तो सीपीडब्ल्यूडी बना रही थी लेकिन संदीप के सीनियर्स ने उन्हें भवन निर्माण में भ्रष्टाचार में धकेलना चाहा। भारी दबाव में संदीप टूट गए और उन्होंने 2019 में आत्महत्या कर ली।

2 खराब पपीते को लेकर विकास को जमकर कोसा
चूरू निवासी सब इंस्पेक्टर विकास ने दिसम्बर 2021 में आत्महत्या की। विकास की पत्नी कविता ने बताया कि उसे महज एक खराब पपीता लाने पर अधिकारियों ने जमकर कोसा। सीनियर्स व जूनियर्स के सामने काफी बेइज्जती की और नौकरी छीन लेने की धमकी देते रहे। एक महीना तक विकास तनाव में रहे और आखिर मौत को गले लगा दिया।

3 पांच दिन तक जूझता रहा नरेश
पाली निवासी कांस्टेबल नरेश जाट का सीनियर अधिकारियों के साथ विवाद हो गया। उस पर राइफल लेकर भागने व राइफल कॉक करने का आरोप लगाया गया। पांच दिन से ड्यूटी से दूर था। आखिर उसके सब्र का बांध टूटा और खुद पर ही गोली चला दी।

Story Loader