सत्यरंजन बारिक जोधपुर में सेना की यूनिट में जवान है। दो साल पहले ही उसने अनुपमा से प्रेम विवाह किया था। उनके अभी बच्चे नहीं हैं। दोनों अजमेरी लाइंस में सरकारी क्वार्टर में रहते थे। सत्यरंजन की रात्रि ड्यूटी थी। वह बुधवार सुबह 8 बजे ड्यूटी से फ्री हुआ था। फिर वह किसी अन्य कार्य से सेना की यूनिट चला गया था। दोपहर एक बजे उसने खाने के लिए पत्नी को कॉल किया, लेकिन बात नहीं हो पाई। उसने पड़ोसी को अपने क्वार्टर भेजा, लेकिन दरवाजा अंदर से बंद मिला। संदेह होने पर वह क्वार्टर पहुंचा। लकड़ी के दरवाजे का कुछ हिस्सा काटकर कुंडी खोली और अंदर घुसे तो अनुपमा पंखे पर दुपट्टे के फंदे से लटकी हुई थी। उसकी मौत हो चुकी थी। सैन्य अधिकारी व सेना पुलिस मौके पर पहुंची। बाद में पुलिस को भी बुलाया गया। मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला। पति ने पत्नी से किसी तरह की अनबन से इनकार किया।