वायुसेना बना रही योजना, जोधपुर में तैनात है एलसीएच
जोधपुर. जोधपुर एयरबेस (jodhpur airbase) में तैनात हल्के लड़ाकू हेलिकॉप्टर (LCH) 'प्रचंड' की कमान अब महिला पायलट भी संभाल सकती है। क्योंकि, महिला पायलट भी एलसीएच उड़ाने में सक्षम है। इसके लिए वायुसेना (IAF) योजना बना रही है। यदि महिला पायलट को यह अवसर दिया जाता है तो उनकी कामयाबी का यह एक और कदम होगा। सामरिक दृष्टि से हल्के लड़ाकू हेलिकॉप्टर की तैनातगी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। यह हर परिस्थिति में दुश्मन को मात दे सकता है। दुश्मन के रडार को चकमा देने और हर मौसम में लड़ने में सक्षम है। वायुसेना अधिकारियों का कहना है कि एलसीएच बेहतरीन हेलिकॉप्टर है। इसे महिला पायलट भी उड़ा सकती है।
3 अक्टूबर को वायुसेना में शामिल हुआ था एलसीएच
स्वदेशी तकनीक से विकसित हल्के लड़ाकू हेलिकॉप्टर को 3 अक्टूबर को वायुसेना बेड़े में शामिल किया गया था। जोधपुर में आयोजित समारोह में रक्षामंत्री राजनाथसिंह, सीडीएस अनिल चौहान और वायुसेना प्रमुख वीआर चौधरी भी शामिल हुए थे। रक्षामंत्री ने एलसीएच की उड़ान भी भरी थी।
इतिहास रच रहीं महिला पायलट
महिला पायलट को एलसीएच उड़ाने की जिम्मेदारी दिया जाना कोई पहला कदम नहीं है। वे अपनी काबिलियत का लोहा मनवा रही है। भारतीय वायुसेना के इतिहास में अवनि चतुर्वेदी, मोहना सिंह, भावना कांथा पहली महिला लड़ाकू पायलट के तौर पर भारतीय वायुसेना में शामिल हुईं थीं। 2018 में भारतीय वायु सेना की फ्लाइंग ऑफिसर अवनि ने अकेले लड़ाकू विमान उड़ाकर इतिहास रचा था। वह पहली भारतीय महिला थीं, जिन्हें यह कामयाबी मिली। भारतीय वायुसेना की महिला पायलट शिवांगीसिंह पहली महिला पायलट है जिसे फाइटर विमान राफेल को उड़ाने का गौरव हासिल है।