24 जनवरी 2026,

शनिवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

जोधपुर की प्रसिद्ध साहित्यकार डॉ.पद्मजा शर्मा को कृति हंसो न तारा के लिए मिला घासीराम वर्मा साहित्य पुरस्कार

प्रयास संस्थान चूरू की ओर से दिया जाएगा इक्कावन हजार रुपए का सालाना पुरस्कार

less than 1 minute read
Google source verification

image

Harshwardhan Singh Bhati

Jul 09, 2017

jodhpur news,writer padmaja sharma gets ghasiram verma award, writers of jodhpur, Dr. padmaja sharma, female writers of rajasthani, jodhpur writers, latest news in hindi

jodhpur news,writer padmaja sharma gets ghasiram verma award, writers of jodhpur, Dr. padmaja sharma, female writers of rajasthani, jodhpur writers, latest news in hindi

साहित्य और संस्कृति के क्षेत्र में संलग्न स्थानीय प्रयास संस्थान चूरूर की ओर से राजस्थान के हिंदी लेखन के क्षेत्र का प्रतिष्ठित घासीराम वर्मा साहित्य पुरस्कार इस वर्ष जोधपुर की प्रख्यात साहित्यकार डॉ. पद्मजा शर्मा को प्रदान किया जाएगा। उन्हें शब्द-चित्र संग्रह हंसो ना तारा के लिए इस पुरस्कार के रूप में इक्कावन हजार रुपए, शॉल, श्रीफ ल और सम्मान पत्र से नवाजा जाएगा। प्रयास संस्थान के अध्यक्ष दुलाराम सहारण व सचिव कमल शर्मा ने बताया कि वार्षिक पुरस्कार सितम्बर माह में चूरू जिला मुख्यालय पर प्रस्तावित है।

डॉ. पद्मजा शर्मा झुंझनूं जिले के गांव बिरमी में जन्मी पद्मजा शर्मा हिंदी, इतिहास और पत्रकारिता में एम.ए. तथा हिंदी में एम फि ल हैं। उन्होंने हिंदी और पत्रकारिता दोनों विषय में पीएचडी. भी की है। वे राजस्थान साहित्य अकादमी की सदस्य रह चुकी हैं। उन्हें शब्द चित्र शृंखला रंग बदरंग जिन्दगी से अपनी कलम का लोहा मनवाया। उसके बाद उन्होंने पीछे मुड़ कर नहीं देखा।

हिंदी में कविता संग्रह इस जीवन के लिए, सदी के पार, हारूंगी नहीं, मैं बोलूंगी, पहाड़ नदी फूल और प्रेम, खामोशी, जिंदगी को मैंने थामा बहुत और शब्दचित्र संग्रह इस दुनिया के अगल-बगल, रमता जोगी बहता पानी, नासिर के तीन सपने, हंसो ना तारा, घर से दूर घर के लिए पद्मजा की उल्लेखनीय पुस्तकें हैं। लघुकथा संग्रह बेटी व अन्य लघुकथाएं और आलोचना पुस्तकें आचार्य चतुरसेन शास्त्री के उपन्यासों का सांस्कृतिक अध्ययन, पंडित झाबरमल्ल शर्मा व समय से संवाद भी महत्वपूर्ण किताबें हैं।

ये भी पढ़ें

image