बासनी(जोधपुर).
हम सामान्य रोगों के उपचार के लिए जब भी चिकित्सक या वैद्य के पास उपचार के लिए जाते हैं तब चिकित्सक या वैद्य का पहला सवाल यही होता है कि आपका पेट कैसा है? यानि पेट में कोई खराबी, अपच या कब्ज इत्यादि जैसे परेशानी तो नहीं हैं। चिकित्सक या वैद्यजी का यह सवाल इसलिए होता है क्योंकि अधिकतर रोगोंं की जड़ पेट से ही शुरू होती है। यदि हमारा पेट सही है तो कोई रोग आसानी से शरीर को जकड़ में नहीं ले सकता। इसलिए हमारे लिए यह जरूरी है कि हमें पेट को सही रखना है। कई योग-प्राणायाम के नियमित अभ्यास से भी हम पेट को स्वस्थ रख सकते हैं। पेट पर बढ़ी चर्बी को भी नियमित व्यायाम से कम किया जा सकता है। योगगुरू रचना रांकावत के इस योग का अभ्यास करने से भी पेट की चर्बी कम की जा सकती है। इस आसन का नियमित अभ्यास करने से कुछ ही दिन में परिणाम सामने आने लगता है।