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जोधपुर

नंदोत्सव में हादसे में घायल युवक की मौत, स्वर्णकार समाज का धरना

- एक करोड़ रुपए, सरकारी नौकरी व कानूनी कार्रवाई की मांग पर अड़े परिजन व समाज के लोग- मोर्चरी के बाहर रास्ता रोकने से शहर की यातायात व्यवस्था चरमराई, जगह-जगह जाम लगा

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जोधपुर।
जून मण्डी क्षेत्र के गंगश्याम मंदिर में आयोजित नंदोत्सव में दही की हांडी फोड़ने के दौरान लोहे का भारी भरकम ट्रस गिरने से घायल युवक का महात्मा गांधी अस्पताल में शनिवार को दम टूट गया। इकलौते पुत्र की मौत से घरवालों में शोक व्याप्त हो गया। गुस्साए स्वर्णकार समाज और परिजन विभिन्न मांगों को लेकर धरने पर बैठ गए। दोपहर बाद मोर्चरी के बाहर रास्ता भी रोक दिया। जिससे शहर की यातायात व्यवस्था भी चरमरा गई।
पुलिस के अनुसार जन्माष्टमी के उपलक्ष में गंगश्याम मंदिर में 8 सितम्बर को नंदोत्सव का आयोजन था। जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे। रंगीन लाइटिंग के लिए भारी भरकम लोहे के ट्रस (पोल) लगाए गए थे। जिस पर दही की हांडी बांधी गई थी और उसे फोड़ने का कार्यक्रम चल रहा था। इस दौरान रस्सी से खींचने की वजह से लोहे का भारी ट्रस अचानक नीचे श्रद्धालुओं के ऊपर गिर गया था। जिससे मासूम प्रियंका, कैलाश सोनी व जितेन्द्र घायल हो गए थे। गंभीर घायल कैलाश को महात्मा गांधी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। 21 दिन तक जिंदगी व मौत से संघर्ष करने के बाद शनिवार को मूलत: बीकानेर हाल घोड़ों का चौक निवासी कैलाश (31) पुत्र शिवराज सोनी की मृत्यु हो गई। शव मोर्चरी में रखवा दिया गया।
परिजन व स्वर्णकार समाज में रोष, धरने पर बैठे
कैलाश की मृत्यु का पता लगते ही स्वर्णकार समाज के लोग मोर्चरी पहुंचना लग गए। इकलौते पुत्र की मौत से घरवालों में मातम छा गया। दोपहर तक समाज के लोग धरना देकर बैठ गए। वे एक करोड़ रुपए आर्थिक मुआवजा, पत्नी को सरकारी नौकरी व हादसे के दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग पर अड़ गए। विधायक मनीषा पंवार व अन्य ने समझाइश की, लेकिन कोई हल नहीं निकल पाया। रात को समझाइश के बाद मोर्चरी के सामने एक तरफा यातायात शुरू किया गया।
दोपहर में सड़क पर बैठे, रात तक यातायात बाधित
गुस्साए समाज के लोग दोपहर में मोर्चरी के बाहर निकल आए और रास्ता रोक दिया। वे मोर्चरी के बाहर सड़क पर धरना देकर बैठ गए और नारेबाजी करने लगे। पुलिस ने ओलम्पिक तिराहा और रेलवे स्टेशन के सामने से वाहनों को अन्य मार्गों से निकालना शुरू किया। जिससे शाम होते-होते एमजीएच रोड ही नहीं जालोरी गेट, शनिश्चरजी का स्थान, रेलवे स्टेशन रोड, रातानाडा, जेडीए सर्कल तक यातायात व्यवस्था चरमरा गई। जगह-जगह जाम लग गया। वाहन रेंग-रेंग कर चलने लगे। रात साढ़े आठ बजे तक रास्ता रोका हुआ था और पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी समझाइश कर रहे थे।