सफाई व्यवस्था को लेकर उचित प्रबंधन भोरमदेव मंदिर में दिखाई नहीं देता। मंदिर के आसपास बड़ी संख्या में दुकानें है, जहां से ही पॉलीथिन में ही नारियल, फूल, पत्ती, अगरबत्ती बेचा जाता है। इस पर रोक के लिए प्रशासन और प्रबंधन द्वारा कोई पहल नहीं की। इसके चलते ही आज भी पॉलीथिन का कचरा मंदिर परिसर में दिखाई देता है। इसके साथ ही यहां पहुंचने वाले श्रद्धालाओं को भी इस बात से अवगत कराना होगा, ताकि वह इसका पालन करें।