
कांकेर. अनिवार्य सेवानिवृत्ति के खिलाफ कर्मचारी संघ बैनर तले सैकड़ों फॉरेस्ट विभाग के कर्मचारियों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए संाकेतिक धरना दिया। कर्मचारियों ने कहा कि शासन की दमनकारी नितियों के खिलाफ अब कर्मचारी सड़क पर उतरेंगे। जबरन कर्मचारियों को सेवा मुक्त किया जा रहा है।
कर्मचारियों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए कहा कि शासन की दमनकारी नीति के खिलाफ कर्मचारी संघ तब तक आंंदोलन करेगा जब तक उनकी मांगों को पूरा नहीं कर लिया जाएगा। कर्मचारियों को शासन की ओर से २० साल की नौकरी या ५० साल की उम्र होने पर जबरन सेवा मुक्त किया जा रहा है। ज्ञापन में कर्मचारियों ने लिखा है कि पीएन जोशी सहायक ग्रेड-०१ कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान जगदलपुर को बिना कारण जाने सेवा मुक्त कर दिया गया। जोशी की सेवा अवधि के कार्र्य कुशलता के बिन्दुओं की समीक्षा करते हुए तत्काल बहाल किया जाए। जोशी का २०१४ से १६ तक गोपनीय प्रतिवेदन से अवगत कराया जाए।
प्रतिकूल टीका अभ्यावेदन का निराकरण किए बिना इस प्रकार की कार्रवाई पर रोक लगे। जोशी के गोपनीय प्रतिवेदन को २०१७ सेवा अवधि में शामिल किया जाए। कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि किसी को अनिवार्य सेवा मुक्त करने से पहले कारणों से अवगत कराया जाए। कर्मचारियों ने फॉरेस्ट विभाग दफ्तर के समक्ष सांकेतिक विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान हरीश कोड़ोपी जिला वनमंडल कर्मचारी संघ अध्यक्ष, लोकमान्य ठाकुर सचिव, बिरेंद्र नाग अध्यक्ष प्रांता लिपिक कर्मचारी संघ, निखिल मसीह प्रांतीय महामंत्री, हीरा सिंह ठाकुर, रहमान खान, रोहित सोनी, ममता सोनी, बिरेंद्र साहू, किशोर झा, विमल ठाकुर, मनोज साहू आदि लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया।
एक लाइन में पढ़े खबर
सहायक ग्रेड-१ पीएन जोशी की सेवा अवधि को पुन: बहाल कर कार्य पर वापस लेने की मांग को लेकर सौंपा ज्ञापन, कर्मचारी संघ ने किया विरोध प्रदर्शन, बोले-२० वर्ष की सेवा और ५० वर्ष आयु की बाध्यता को खत्म करे प्रशासन
Updated on:
23 Sept 2017 07:23 pm
Published on:
23 Sept 2017 07:22 pm

बड़ी खबरें
View Allकांकेर
छत्तीसगढ़
ट्रेंडिंग
