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तस्वीर देख CM की बोलती हो जाएगी बंद, बच्चे व ग्रामीण जान जोखिम में डाल करते हैं नदी पार

जिला मुख्यालय से दस किलोमीटर दूर ग्राम पंचायत मोहपुर सहित आसपास के ग्रामीण शहर आने के लिए शार्टकट रास्ता से नदी पार कर पहुंचते हैं

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CG news

कांकेर. जिला मुख्यालय से दस किलोमीटर दूर ग्राम पंचायत मोहपुर सहित आसपास के ग्रामीण शहर आने के लिए शार्टकट रास्ता से नदी पार कर पहुंचते हैं। इन दिनों नदी में पानी चलने के बाद भी साइकिल सहित मोटरसाइकिल को नदी से पार कर आते है।

ग्रामीणों का कहना था कि उक्त मार्ग से तीन किलोमीटर का फासला तय कर मुख्यालय पहुंच जाते है, जबकि अन्य गांव घुमकर जाने पर उन्हे दस किलोमीटर का रास्ता चलना पड़ता है। पुल के मांग करते ग्रामीण थक चुके है, इसके बाद भी प्रशासन इस ओर पहल नही कर रहा है।

तेरह सौ आबादी वाले ग्राम पंचायत मोहपुर सहित करीब दस ग्रामों के लोग पहले इस मार्ग से होकर शहर आना जाना करते थे, आज भी कुछ ग्रामीण इस रास्ता से आवागमन कर रहे है। ग्रामीणों का कहना था कि उनके गांव के लिए सिंगारभाट मार्ग से होकर रास्ता बनने के बाद कई पक् की सड़क से आवागमन कर रहे है। वहीं, इस सड़क में होकर जाने वाले ग्राम निशान हर्रा, रावस, ठेमा सहित अन्य ग्राम के लोग सरोना होकर या फिर पुसवाड़ा और पटौद होकर जिला मुख्यालय पहुंचते है। ग्रामीण बालाराम वट्टी, भास्कर वटटी, भास्कर, बैजनाथ, गणेश, असम, सगनु राम, अनित, तनसुख,रामसुख सहित अन्य का कहना था कि कलक्टर, मंत्री से कई बार गुहार लगाने के बादवर्ष 2009 में इस नदी में पुल बनाने की पक्रिया शुरू हुई थी। संबंधित विभाग के अधिकारी हटकुल नदी के गाढ़ा घाट के पास नापजोख किए थे, लेकिन इसके बाद इस ओर किसी प्रकार कार्रवाई नही हुई। ग्रामीण पुल को लेकर काफी खुश थे, बाद में किसी कारणवश इस जगह पर पुल बनाना रद्द कर दिया गया। अब पुल बनने की आस में ग्रामीण गांव में आने वाले जनप्रतिनिधियों व मंत्री से प्रमुखता से इसकी मांग करते है।

पुल बनने पर ये गांव होगें लाभान्वित
ग्रामीणों के मुताबिक पुल बनने पर सबसे ज्यादा लाभ ग्राम मोहपुर को होगा। वे महज तीन किलोमीटर का फासला तय कर शहर पहुंच जाएगें। वहीं, सरोना, पुसवाड़ा घुमकर जाने वाले ग्राम कुम्हानखार, ठेला, लेण्डारा, बासपत्तर, रावस, आमापानी, निशनहर्रा सहित अन्य ग्राम के लोग इस मार्ग से आना-जाना करगें।

जान जोखिम डालते हैं लोग
शहर जल्दी जाने के लिए नदी से साइकिल, मोटरसाइकिल को पार करते है, इससे हमेश खतरा का डर रहता है, कुछ ग्रामीणों का कहना था कि कुछ वर्ष पूर्व साइकिल को उठा कर नदी पार कर रहे ग्रामीणों का साइकिल बह गया था, जिसे नदी का पानी कम होने के बाद निकाला गया। हालांकि जानमाल की हानी नही हुई।

पुल को लेकर शासन-प्रशासन को कई बार अवगत कराया जा चुका है, इसके बाद भी इस ओर किसी तरह का पहल नही किया जा रहा है। ग्रामीण पुल की मांग को लेकर फिर से कलक्टर के पास ज्ञापन सौपने की तैयारी कर रहे है।
ईश्वर वट्टी , सरपंच ग्राम पंचायत मोहपुर