ग्राम पंचायत दुर्गूकोंदल के आश्रित गांव भुरूकागुदुम में तो चार नल हैं। दो नलों से पानी गाढ़ा लाल निकलता है, जबकि दो नल से पानी ही नहीं आता। नदी में एक झरिया है, लगभग 200 फिट की गहराई में, वह भी लगभग सूख चुका है। उसमें से भी गंदा पानी निकलता है, जिसे पीकर लोग आए दिन बीमार पड़ते हैं, यह ऐसा गांव है, जहां के लौह अयस्क के माध्यम से सरकार को हर वर्ष करोड़ों का राजस्व जाता है। लोगों ने इसके लिए सरपंच से भी गुहार लगाई लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। गांव के छबीलाल, जागेश्वर, मानसिंग, मेनसिंह, समारू, राम जी, सरस्वती, बज्जो, नंदेश्वरी, अनोतिन शिव बत्ती, फुतमा आदि ने बताया कि पानी के लिए कई बार सरपंच से कह चुके हैं लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।