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जेम पोर्टल से 32 लाख की ऑनलाइन खरीदी होते ही शासन ने पैसा लिया वापस

शिक्षा विभाग में जेम पोर्टल से 32.10 लाख की ऑनलाइन खरीदी का मामला फंस गया है।

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जेम पोर्टल से 32.10 लाख की ऑनलाइन खरीदी होते ही शासन ने पैसा लिया वापस

कांकेर. शिक्षा विभाग में जेम पोर्टल से 32.10 लाख की ऑनलाइन खरीदी का मामला फंस गया है। चुनाव से पहले आनन-फानन में स्कूलों में साफ-सफाई के लिए कुल 19 प्रकार के सामानों के लिए आर्डर शासन के पत्र पर जेम पार्टल में जारी कर दिया गया। आचार संहिता लगते ही सामानों की आपूर्ति पर ब्रेक लग गया। चुनाव में भाजपा की सरकार साफ होते ही कांगे्रस सरकार ने पूरी राशि विभाग से वापस ले ली। उधर, जेम पोर्टल पर आर्डर लेने वाला ठेकेदार सामानों की खरीदी कर विभाग को सौंप दिया।

जेम पार्टल पर खरीदी और राशि वापस होने पर भुगतान का पेंच फंस गया है। चारामा और भानुप्रतापपुर ब्लाक में सामानों का वितरण भी किया जा रहा है। जबकि अन्य ब्लॉकोंं वितरण प्रक्रिया को रोक दिया गया है। स्कूलों में साफ सफाई व्यवस्था अब चरमारा रही है। सूत्रों के अनुसार स्कूलों में स्वच्छता मिशन के तहत बाल्टी, ब्रस, बैकपाइपर अन्य सामनों की खरीदी लोकल स्तर पर पहले होती थी।

चुनाव से पहले संचनालय से शिक्षा विभाग को एक आदेश जारी किया गया। आदेश में जेम पोटर्ल पर तत्काल आर्डर करना अनिवार्य बताया गया था। शिक्षा विभाग की ओर से चुनाव से पहले आनन-फानन में जेम पोर्टल पर कुल 19 सामानों की खरीदी के लिए आर्डर भी जारी कर दिया। जेम पार्टल के आर्डर पर ठेकेदार ने कोटेशन पर सामान आपूर्ति के लिए लिंक कर दिया। जैसे ही ठेकेदार ने सामग्री की खरीदी प्रारंभ किया आचार संहिता लग जाने से आपूर्ति पर विराम लग गया। चुनाव में भाजपा की हार और कांग्रेस सरकार का गठन होते ही ठेकेदार ने सामानों की पूर्ति सभी ब्लॉकों में कर दिया।

शिक्षा विभाग के अधिकारी सत्यापन की प्रक्रिया पूरी ही कर रहे थे कि उधर शासन ने 32.10 लाख रुपए वापस ले लिया। भुगतान पर फिलहाल विराम लग गया है। चारामा और भानुप्रतापपुर में सामानों का वितरण भी स्कूलों में लगभग कर दिया गया, जबकि कांकेर व अन्य ब्लॉकों में वितरण पर रोक है। विभाग के आलाधिकारी इस संबंध में बोलने के लिए तैयार नहीं है। शासन से पत्र आना और उसी आधार पर जेम पार्टल में राशि के आधार पर आर्डर जारी कर देना कहीं न कहीं कमीशन की ओर इंगित कर रहा है। खरीदी में हड़बड़ी और आनन फानन में खरीदी कहीं न कहीं बड़ा झोल उजागर हो सकता है।

32.10 लाख से इन सामानों की हुई थी खरीदी
फ्लोर क्लीनर-5 ली. नग में 800
डस्टबीन-80 ली. - 200
फूलबु्रस - 2500
वासिंग पाउडर १केजी - 2600
डस्ट पैड - 2500
प्लास्टिक बाल्टी-18 ली - 2000
फिलाइल-1 ली - 3500
लिक्वीड हैंडवास-1000 एमएल - 2500
लिक्वीड हैंडवास-500 एमएल - 2100
वाइपर - 1600
डस्टबीन 10 ली-ब्लू - 180
सिलिंग बू्रम - 320
प्लास्टिक खरेटा ब्रुम - 415
ब्रूम विथ हैडल - 335
डस्टबीन-10 ली-ग्रीन - 176
फूलब्रूम प्लास्टिक - 395
नेप्थलीन बाल्स-500 ग्राम - 485
मग-1000 एमएम-125 एमएल- 1135
रजिस्टर डस्टर काटन - 2000
कालीन फॉर टेवल क्लीयरिंग -2000

यह जानकरी शिक्षा विभाग से मिले दस्तावेज से मिली है। जो चुनाव से पहले कुछ लोगों को लाभ पहुंचाने के लिए आर्डर जारी किया गया था।