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घर में ढोलक की थाप के बीच विवाह की खुशियां हुई काफूर, जब हुआ यह, फिर मच गया…

बेटी की डोली उठने से पहले ही पिता की हार्ट अटैक से मौत।  

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Father dead by heart attack

कन्नौज. घर में ढोलक की थाप के बीच विवाह की खुशियों का माहौल बना हुआ था। खानपान से लेकर मिठाइयां व सजावट का काम जोरों पर चल रहा था, ऐसे में किसको क्या पता था कि बेटी की विदाई का ख्वाब सजाये एक पिता बेटी की डोली उठने से पहले ही इस दुनिया से विदा हो जायेगा। कन्नौज के ठठिया में एक ऐसा ही मामला सामने आया जहां बेटी की डोली उठने से पहले ही पिता की मौत हो गई। इससे उसकी अपने सामने बेटी के हाथ पीले करने की उनकी हसरत अधूरी रह गई। वहीं शादी वाले घर में मातम का माहौल बन गया।

अचानक पड़ा श्रीकृष्ण को हार्ट अटैक

कन्नौज जिले के ठठिया थाना क्षेत्र के खुर्दापुर गांव निवासी 53 वर्षीय श्रीकृष्ण राजपूत की पुत्री सीता की बरात 28 अप्रैल को तिर्वा कोतवाली क्षेत्र के जटियापुर से आनी है। घर पर विवाह की खुशियों का माहौल है। इसकी जोरदार तैयारियां चल रही थीं। खानपान से लेकर मिठाइयां व सजावट का काम भी शुरू हो चूका था। इसी दौरान अचानक श्रीकृष्ण को हार्ट अटैक पड़ा और वह बेहोश होकर गिर पड़े। परिजनों ने उनको तुरंत मेडिकल कालेज में भर्ती कराया। यहां पर हालत नाजुक होने से डॉक्टरों ने कानपुर रेफर कर दिया।

पोस्टमार्टम कराने से इन्कार

कानपुर ले जाते समय रास्ते में दम तोड़ दिया। परिजनों ने निजी डॉक्टर को दिखाया, जहां मृत घोषित कर दिया। इसके बाद शव लेकर परिजन घर पहुंच गए। जानकारी पुलिस को नहीं दी। शव का पोस्टमार्टम कराने से भी इन्कार कर दिया। दोपहर बाद शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया। हादसे के बाद परिजनों में चीख-पुकार मच गई। थानाध्यक्ष सुरेश कुमार ने बताया कि मामले की जानकारी मिली है पर परिजनों ने कोई सूचना नहीं भेजी है।

गांव में पसरा सन्नाटा

जहां घर से लेकर पूरे गाँव में विवाह की तैयारियां चल रही थीं वहां आज पूरे गाँव में इस हादसे के बाद से सन्नाटा पसरा है। बताते चलें कि गाँव में आज भी यह रीत रिवाज है कि गाँव में किसी की बेटी की शादी हो तो उसमें पूरा गाँव घर परिवार की तरह से जुटता है, लेकिन अचानक हुए इस घटना ने पूरे गाँव में सन्नाटा फैला दिया है। गाँव के लोगों की माने तो श्रीकृष्ण राजपूत अपनी बेटी की शादी की तैयारियों को लेकर बहुत खुश था और जोरों के साथ विवाह की तैयारियाँ कर रहा था, लेकिन होनी को कुछ और ही मंजूर था।

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