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यतीमखाना में दंगाईयों की गोली से एडीएम पाठक का बहा था लहू

18 साल पहले धू-धू कर जला था ये इलाका, दंगाईयों से लोहा लेते हुए शहीद हो गए थे एडीएफ वित्त सीपी पाठक।

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यतीमखाना में दंगाईयों की गोली से एडीएम पाठक का बहा था लहू,यतीमखाना में दंगाईयों की गोली से एडीएम पाठक का बहा था लहू

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कानपुर। नागरिकता संशोधन एक्ट के विरोध में जुमे की नमाज के बाद हिंसा भड़की और चंद मिनट के अंदर शहर के कई इलाके धू-धू कर जलने लगे। शनिवार को यतीमखाना में हुई हिंसा ने 18 वर्ष पुराने घाव को फिर ताजा कर दिया। कानपुर में बतौर एडीएम वित्त के पद पर तैनात सीपी पाठक को सूचना मिली कि यतीमखाना चैराहे पर दंगाईयों बवाल कर रहे थे। वह मौके पर पहुंचे और भीड़ को शांति बनाए रखने की अपील कर रहे थे, तभी एक गोली उन्हें लगी और उनकी मौत हो गई थी।

भड़का था दंगा
परेड स्थित यतीमखाना चैराहा कई सालों से अतिसंवेदनशील रहा है। 16 मार्च 2001 को यहीं से बवाल शुरू हुआ था। नई सड़क पर उपद्रव को नियंत्रित करने के लिए तत्कालीन एडीएम वित्त सीपी पाठक को मौके पर भेजा गया। यतीमखाना चैराहा पर प्रदर्शन करते हुए हुजूम चल रहा था। अचानक भीड़ उग्र हो गई और नवीन मार्केट, परेड मुर्गा मार्केट व सोमदत्त प्लाजा समेत कई स्थानों पर पथराव होने लगा। यतीमखाना पर कई वाहन फूंक दिए गए। बवालियों से सीधा मोर्चा लेते हुए एडीएम वित्त सीपी पाठक शहीद हो गए।

फिर खोली गई पुलिस चौकी
एडीएम वित्त की हत्या के बाद शासन ने यतीमखाना चैराहा पर पुलिस चौकी स्थापित करवाई। इस पुलिस चौकी से दादा मियां तक कंट्रोल किया जाता है। 18 साल पहले यतीमखाना के पास कोई पुलिस कंट्रोल नहीं था। सारी कमान कर्नलगंज थाना और बेकनगंज थाना के माध्यम से होती थी। यतीमखाना की गिनती अतिसंवेदनशील इलाकों में की जाती है। 21 दिसंबर को हिंसा के दौरान उपद्रवियों ने पुलिस चौकी को फूंक दिया था। यहीं पर सीओ समेत कई पुलिसकर्मी उपद्रवियों की गोली से घायल भी हुए थे।

जला दी पुलिस चौकी
नागरिकता संशोधन एक्ट के विरोध में शुक्रवार को शहर में कई जगह बवाल हुआ। तोडफोड़, आगजनी और फायरिंग में दो लोगों की मौत हो गई थी और करीब एक दर्जन लोग जख्मी हुए थे। वहीं दो सीओ, दो दारोगा समेत सात पुलिस कर्मी घायल हुए थे। दूसरे दिन शनिवार को यतीमखाने में दोपहर करीब तीन बजे से फिर भीड़ जुट गई। उग्र भीड़ ने पथराव शुरू कर दिया और पास स्थित पुलिस चौकी में आग लगा दी थी। पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद काबू पाया। पुलिस ने उप्रदवियों पर मुकदमा दर्ज कर कईयों को जेल भेजने के साथ वूसली का नोटिस दिया है।

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