26 अक्टूबर 2026,

सोमवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

नई टेक्नोलॉजी : कानपुर से गाजियाबाद के बीच 27 स्टेशन सेंट्रलाइज्ड ट्रैफिक कंट्रोल से हुए कनेक्ट

कानपुर से गाजियाबाद तक दौडऩे वाली ट्रेनों की निगरानी अब टूंडला में बने सेंट्रलाइज्ड ट्रैफिक कंट्रोल रूम से शुरू कर दी गई है. योजना के पहले चरण में कानपुर से गाजियाबाद के बीच पडऩे वाले 47 स्टेशनों में से 27 स्टेशनों को सीटीसी सिस्टम से कनेक्ट कर दिया गया है.
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

कानपुर

•

image

Alok Pandey

•

Updated: 27 Aug 2018, 12:17 PM IST

Kanpur

नई टेक्नोलॉजी : कानपुर से गाजियाबाद के बीच 27 स्टेशन सेंट्रलाइज्ड ट्रैफिक कंट्रोल से हुए कनेक्ट

कानपुर। कानपुर से गाजियाबाद तक दौडऩे वाली ट्रेनों की निगरानी अब टूंडला में बने सेंट्रलाइज्ड ट्रैफिक कंट्रोल रूम से शुरू कर दी गई है. योजना के पहले चरण में कानपुर से गाजियाबाद के बीच पडऩे वाले 47 स्टेशनों में से 27 स्टेशनों को सीटीसी सिस्टम से कनेक्ट कर दिया गया है. इसके तहत अब कई सुविधाओं में बढ़ोतरी हो जाएगी.

ऐसा बताया अधिकारी ने
सीपीआरओ गौरव कृष्ण बंसल के मुताबिक सेंट्रलाइज्ड ट्रैफिक कंट्रोल रूम हाई टेक्नोलॉजी से लैस है. जोकि करोड़ों की लागत से तैयार किया गया है. इससे ट्रेनों का संचालन बेहतर होने के साथ ही पैसेंजर्स का सफर भी सुरक्षित होगा. सेंट्रलाइजड ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम के जरिए गाजियाबाद से कानपुर तक सभी स्टेशनों की लोकेशन एलईडी स्क्रीन पर दिखाई देगी.

अब अचानक नहीं होगा ऐसा बदलाव
स्टेशन में ट्रेन का प्लेटफार्म अचानक चेंज हो जाने की समस्या आए दिन होती रहती है. इससे यात्रियों को काफी परेशानी होती है. इसके साथ ही दुर्घटना होने की भी आशंका बनी रहती है. आए दिन इससे होने वाली दुर्घटनाओं के बारे में सुनने को मिलता ही रहता था. ट्रेनों का संचालन सेंट्रलाइज्ड ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम से होने के बाद यात्रियों को इस समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा. अभी तक ट्रेनों के प्लेटफार्म का निर्धारण स्थानीय स्टेशन मास्टर के हाथ में होता था.

मिलेगी पूरी सुरक्षा
कानपुर से गाजियाबाद तक लगभग 414 किमी का रेलवे ट्रैक है. सेंट्रलाइज्ड ट्रैफिक कंट्रोल रूम में लगी एलईडी स्क्रीन में अप, डाउन व लूप लाइन ट्रैक में खड़ी व चल रही सभी ट्रेनें दिखाई देंगी. अगर ट्रेन किसी वजह से कहीं पर रुक जाती है तो कंट्रोल रूम में बैठे कर्मचारी को चंद सेकेंड में पता चला जाएगा. इससे वह उस ट्रेन के पीछे चल रही ट्रेनों का तत्काल रूट डायवर्ट कर सकता है. साथ ही चंद सेकेंड के अंदर ही ट्रेन के ड्राइवर से मामले की जानकारी ले सकता है.

ऐसा कहते हैं अधिकारी
इस बारे में एनसीआर के सीपीआरओ गौरव कृष्‍ण बंसल कहते हैं कि सेंट्रलाइज्ड ट्रैफिक कंट्रोल रूम से कानपुर से गाजियाबाद तक ट्रेनों का संचालन प्रथम चरण में शुरू कर दिया गया है. कानपुर से गाजियाबाद खंड में यातायात योजना, संरक्षा को देखते हुए निर्णय लेने में आसानी होगी.