बांबे, दिल्ली के बाद कानपुर आईआईटी बना छात्रोंं की पसंद

150 से अधिक छात्र पहुंचे आईआईटी कानपुर
18 सेंटरों पर चल रही है छात्रों की रिपोर्टिंग

कानपुर। कानपुर आईआईटी फिर टॉपर्स की पसंद बनता जा रहा है। दिल्ली और बांबे में जगह न मिलने पर छात्र सीधे कानपुर को पसंद कर रहे हैं। यहां पहले चरण का डॉक्यूमेंट वेरीफिकेशन और सीट ज्वाइश फिलिंग और सीट लॉकिंग की प्रक्रिया चल रही है। नए-नए शोध और रक्षा मामलों में कानपुर आईआईटी के वैज्ञानिकों के बढ़ते सहयोग के चलते संस्थान का नाम और चमका, जिस कारण छात्रों की यहां के प्रति दिलचस्पी बढ़ी।

टॉप-१०० के तीन छात्रों ने चुना
जेईई एडवांस्ड के टॉपर बांबे और दिल्ली में मनचाही ब्रांच न मिलने पर कानपुर को लॉक कर रहे हैं। पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष टॉप-100 के भी तीन छात्रों ने कानपुर को चुना है। जबकि पिछले वर्ष टॉप-100 के एक भी छात्र ने कानपुर में दाखिला नहीं लिया था। इससे संस्थान के शिक्षक भी खासे उत्साहित हैं।

जोसा ने सीट आवंटन किया
देश की 23 आईआईटी में दाखिले के लिए जोसा (ज्वाइंट सीट एलोकेशन अथॉरिटी) ने पहले चरण का सीट आवंटन कर दिया है। 28 जून से दो जुलाई तक पहले चरण का डॉक्यूमेंट वेरीफिकेशन और सीट ज्वाइश फिलिंग और सीट लॉकिंग की प्रक्रिया चल रही है। जोसा के ओवरऑल आंकड़ों के अनुसार इस बार बांबे, दिल्ली के बाद कानपुर टॉपर्स की पहली पसंद बना है।

कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग ही पसंद
इस बार प्रवेश लेने वाले सभी टॉपर्स कानपुर में भी कम्प्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग ब्रांच को ही लॉक कर रहे हैं। इस बार टॉप-100 में तीन छात्रों ने कानपुर को सेलेक्ट किया है। जेईई एडवांस्ड में एससी-पीडब्ल्यूडी कैटेगरी में टॉप करने वाले अभ्यर्थी ने भी आईआईटी कानपुर को ही सेलेक्ट किया है। इसी तरह कई अन्य कैटेगरी के टॉप-10 ने भी आईआईटी कानपुर में प्रवेश के लिए सीट लॉक की है।

इन आईआईटी को कानपुर ने पछाड़ा
कानपुर आईआईटी ने मद्रास, खडग़पुर, रुड़की, हैदराबाद, गुवाहाटी को पछाड़ दिया है। कानपुर के बाद मद्रास को छोड़कर शेष में टॉप-१०० के छात्रों ने कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई है। जबकि गुवाहाटी में टॉप-२५० का एक भी छात्र नहीं पहुंचा है।

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आलोक पाण्डेय
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