मदन लाल भाटिया के मुताबिक किसी भी विकास काम में नेता के नाम के बजाएं कार्यदायी संस्था का नाम होना चाहिए और उसके खर्च का विवरण होना चाहिए लेकिन प्रदेश के राजनीतिक दल केवल जनता को बरगलाकर वोट हासिल करने की जुगात में लगे रहते है और यही कारण है कि विकास काम करने के बजाएं पत्थर लगाने में नेता ज्यादा आगे रहते है। मदनलाल भाटिया का यह भी कहना है कि पत्थरों पर सांसद, विधायक और पार्षद का नाम नहीं होना चाहिए।