6 फ़रवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

उफ ! यहां ऐसे सेंकी जाती हैं पत्थरों पर राजनीति की रोटियां

विकास के कमों का श्रेय लेने की होड़ में इस बार मुख्यमंत्री के करीबी होने का दावा करने वाले कांग्रेसी विधायक अजय कपूर और समाजवादी पार्टी के किदवई नगर से प्रत्याशी ओमप्रकाश मिश्रा एवं सरकार में राज्यमंत्री का दर्जा पाएं जगदेव सिंह यादव के बीच घमासान मच गया है।

3 min read
Google source verification

image

vikas vajpayee

Sep 02, 2016

sanjay van of kanpur south

sanjay van of kanpur south

कानपुर. उत्तर प्रदेश में 2017 को होने वाले चुनावों की दस्तक के साथ ही नेताओं की तू-तू मैं-मैं शुरू हो गयी है। मामला जब विकास के कार्यों से जुड़ा हो तो नेताओं का श्रेय लेने के शिलशिले को कैसे भूला जा सकता है। कानपुर में एक ऐसी ही विधानसभा है किदवई नगर जिसमें नेताओं ने जितने काम नहीं कराये उससे ज्यादा पत्थर लगवा दिये गये। विकास के कमों का श्रेय लेने की होड़ में इस बार मुख्यमंत्री के करीबी होने का दावा करने वाले कांग्रेसी विधायक अजय कपूर और समाजवादी पार्टी के किदवई नगर से प्रत्याशी ओमप्रकाश मिश्रा एवं सरकार में राज्यमंत्री का दर्जा पाएं जगदेव सिंह यादव के बीच घमासान मच गया है।

kanpur

ओम प्रकाश मिश्रा का अरोप है कि काम मुख्यमंत्री करा रहे है और इसमें अपने पत्थर लगवाकर श्रेय लूटने का काम शहर के कांग्रेसी विधायक कर रहे है यही नहीं उनका आरोप है कि इस तरह की स्थित से लोगो को भ्रम में डालने का काम किया जा रहा है। कमोंबेश यह स्थित कानपुर शहर के हर विधान सभा सीट की बनती जा रही है जिसमें एक ही काम के दो से तीन पत्थर लगाने का काम हो रहा है। लोगो का भी मानना है कि पांच साल जनता को विकास का लालीपाप दिखाकर अब फिर से अपनी नाक ऊची करने के लिए नेता इस तरह की हरकत कर रहे हैं।

kanpur

हलांकि हर एक चुनाव के पहले पत्थर पालिटिक्स की शुरुआत हो जाती है और यही कारण है कि जतनी लागत के पत्थर लगाये जाते है उससे शायद एक दूसरी रोड़ बनकर तैयार हो सकती है। कानपुर में आम आदमी पार्टी के नेता मदन लाल भटिया के मुताबिक प्रदेश मे ही नहीं पूरे देश में पत्थरो की राजनीति बन्द होनी चाहिये।

मदन लाल भाटिया के मुताबिक किसी भी विकास काम में नेता के नाम के बजाएं कार्यदायी संस्था का नाम होना चाहिए और उसके खर्च का विवरण होना चाहिए लेकिन प्रदेश के राजनीतिक दल केवल जनता को बरगलाकर वोट हासिल करने की जुगात में लगे रहते है और यही कारण है कि विकास काम करने के बजाएं पत्थर लगाने में नेता ज्यादा आगे रहते है। मदनलाल भाटिया का यह भी कहना है कि पत्थरों पर सांसद, विधायक और पार्षद का नाम नहीं होना चाहिए।

आगामी विधानसभा चुनाव में किदवई नगर विधानसभा के सपा प्रत्याशी ओम प्रकाश मिश्रा ने कॉंग्रेसी विधायक पर आरोप लगाए थे कि मुख्यमंत्री द्धारा किये गए विकास कार्यो में विधायक अजय कपूर अपने नाम के पत्थर लगाकर क्षेत्र की जनता का श्रेय बटोर रहे है। हालाँकि मामला हाईकमान तक पहुँच गया और जब दर्ज प्राप्त राज्य मंत्री जगदेव सिंह के साथ ओम प्रकाश मिश्रा ने इसी सम्बन्ध में बात की तो उसमे दर्ज प्राप्त राज्य मंत्री के बयानों में भी बाहुबली विधायक की दबंगई की झलक साफतौर पर देखने को मिली ।

वन विभाग के आधीन किदवई नगर क्षेत्र का संजय वन पार्क का मुख्यमंत्री की विकास योजनाओ के तहत सुंदरीकरण करवाया गया था जिसका शिलान्यास और उदघाटन वन मंत्री को करना था लेकिन क्षेत्रीय कॉंग्रेसी विधायक अजय कपूर ने वहां अपना पत्थर लगवा दिया जो कि किदवई नगर विधानसभा क्षेत्र के सपा प्रत्याशी ओम प्रकाश मिश्रा को नागवार गुजरा। विधायक जी के भाई के स्कूल का उद्घाटन खुद मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने किया था। सो मंत्री जी कॉंग्रेसी विधायक अजय कपूर के खिलाफ भला कैसे बोल सकते थे । कानपुर नगर सपा अध्यक्ष फज़ल महमूद ने पत्रिका से बात करते हुए कहा कि विधायक अजय कपूर द्धारा लगवाया गया पत्थर हटवाया जाएगा साथ ही विधायक अजय कपूर के खिलाफ वैधानिक कार्यवाही की जाएगी।