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मायावती को छोड़ साइकिल पर सवार होंगे अखिलेश, कानपुर से करेंगे लोकसभा चुनाव का आगाज

मायावती की खामोशी के चलते अखिलेश यादव अब एकला चलो की राह पर निकलेंगे...

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Akhilesh Yadav cycle Yatra in Uttar Pradesh

मायावती को छोड़ साइकिल पर सवार होंगे अखिलेश, कानपुर से करेंगे लोकसभा चुनाव का आगाज

कानपुर. भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह दो दिनों तक यूपी में रूककर मंथन किया और पार्टी की कमियों से निपटने के लिए पदाधिकारी व कार्यकर्ताओं को मंत्र देकर चले गए। वहीं विदेश से आने के बाद समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव भी एक्शन में आ गए हैं। मायावती की खामोशी के चलते वह अब एकला चलो की राह पर निकलेंगे। जल्द ही मंडलवार जिलाध्यक्षों की जल्द बैठक कर ,चुनाव का बिगुल फूंक देंगे। प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम ने कहा कि पार्टी सूबे की 80 में से 80 सीटें फहत करने के लिए बूथों में अपनी फौज लगा रही है। 50 जिलों में सपा बूथ तक पहुंच चुकी है, बचे जिलों में जुलाई तक कार्य पूरा कर लिया जाएगा। इसी माह राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव साइकिल पर सवार होकर मोदी और योगी सरकार की पोल खोलने के लिए निकलेंगे। नरेश उत्तम ने बताया कि अभी यह तय नहीं हुआ कि अखिलेश यादव कहां से चुनाव का आगाज करेंगे, लेकिन कार्यकर्ताओं की मांग पर संभवता एशिया के मैनचेस्टर से वो साइकिल दौड़ाएंगे।

साइकिल से करेंगे यात्रा

लोकसभा चुनाव का लगभग-लगभग बिगल फुंक चुका है। सभी राजनीतिक दल कीले-पुर्जे दुरूस्त करने के लिए जुटे हैं। सत्ताधारी दल बीजेपी पहले ही चुनाव में उतर चुकी है तो वहीं महागठबंधन के योद्धा थी 2019 फहत करने के लिए जुट गए हैं। बसपा के साथ गठबंधन की घोषणा करने के बाद मायावती की तरफ से जवाब नहीं मिलने से अखिलेश अब एकला चलो की राह पकड़ ली है और जुलाई के आखरी सप्ताह में वो साइकिल पर सवार होकर प्रदेश के सभी जिलों का दौरा कर अपनी खोई जमीन पाने के लिए एड़़ी-चोटी का जोर लगाएंगे। सपा प्रदेश अध्यक्ष ने बताया कि संगठन में पदाधिकारियों की लगभग-लगभग नियुक्तियां हो चुकी हैं। हां कुछ जिले हैं, जहां युवाओं को पार्टी की बागडोर थमाई जाएगी। भीतरघात करने वालों को चिन्हित कर लिया गया है और एक-एक कर उन्हें बाहर किया जा रहा है।

मायावती को लेना है निर्णय

नरेश उत्तम ने बताया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष संप्रदायिक ताकतों को हराने के लिए सेकुलवारी सोच रखने वाले दलों के साथ चुनाव में उतरना चाहते हैं। भाजपा को हराने के लिए समाजवादी पार्टी ने बसपा के साथ गठबंधन कस ऐलान कर चुकी है। अब इसका निर्णय मायावती को लेना है। सपा-बसपा एक साथ चुनाव लड़ा तो भाजपा यूपी में खाता भी नहीं खोल पाएगी। हमें उम्मीद है कि भाजपा को हराने के लिए मायावती जल्द गठबंधन का ऐलान कर टिकटों के बंटवारे पर चर्चा करेंगी। नरेश उत्तम ने बताया कि समाजवादी परिवार में कोई रार नहीं है। मुलायम सिंह के नेतृत्व में पूरा परिवार मोदी सरकार को हटाने के लिए 2019 मे जुटेगा। पूर्व मंत्री शिवपाल यादव न कभी नाराज थे और न आगे होंगे। यह सब भाजपा के जरिए फैलाई जा रही अफवाहें हैं।

जेल-थाने असुरक्षित

बागपत जेल में माफिया डॉन मुन्ना बजरंगी की हत्या के साथ ही कानपुर में थाने के अंदर दरोगा के मर्डर को लेकर सपा प्रदेश ने योगी सरकार पर प्रहार करजे हुए कहा कि आज यूपी में न तो क़ानून बचा है न व्यवस्था. हर तरफ़ दहशत का वातावरण है। अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हो गए हैं कि वो जेल तक में हत्याएं कर रहे हैं। ये सरकार की विफलता है। प्रदेश की जनता इस भय के माहौल में बहुत डरी-सहमी है। प्रदेश ने ऐसा कुशासन व अराजकता का दौर पहले कभी नहीं देखा। यूपी में न तो क़ानून बचा है न व्यवस्था. हर तरफ़ दहशत का वातावरण है. अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हो गए हैं कि वो जेल तक में हत्याएं कर रहे हैं. ये सरकार की विफलता है। प्रदेश की जनता इस भय के माहौल में बहुत डरी-सहमी है। कहते हैं, जब भी हम अपने गृहनगर आते हैं तो लोग अपना दर्द लेकर हमारे पास आते हैं। लोगों के अंदर भय बना हुआ है। सीएम योगी आदित्यनाथ शासन चलाने में पूरी तरह से फेल साबित हो रहे हैं। उन्हें पद पर बनें रहने का कोई हक नहीं। वो रिजाइन देकर पूजा-पाठ करें।

2019 में बदल जाएगी सत्ता

यूपी पीसीएस मेंस परीक्षा का पेपर लीक होना सरकार की नाकामयाबी, भ्रष्टाचार और उनकी अहंकारी ज़िद का प्रतीक है। सरकार व आयोग ख़ुद तैयार नहीं हैं और अभ्यर्थियों से एक महीने से कम समय में तैयारी की उम्मीद रखते हैं। इस सरकार में देश-प्रदेश का हर संस्थान और संविधान संकट के दौर से गुजर रहा है.। मेंस परीक्षा का पेपर लीक होना सरकार की नाकामयाबी, भ्रष्टाचार और उनकी अहंकारी ज़िद का प्रतीक है। सरकार व आयोग ख़ुद तैयार नहीं हैं और अभ्यर्थियों से एक महीने से कम समय में तैयारी की उम्मीद रखते हैं। इस सरकार में देश-प्रदेश का हर संस्थान और संविधान संकट के दौर से गुजर रहा है। जनता 2019 का बेसब्री से इंतजार कर रही है और पीएम मोदी की रवानगी तय है। 2019 के बाद देश व प्रदेश में बड़ा बदलाव आएगा। दिल्ली से पीएम मोदी तो लखनऊ से सीएम योगी कुर्सी छोड़ देंगे।

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