
ज्योतिषाचार्य ने कहा प्रियंका बनेंगी ताकतवर नेता, तीन साल के बाद पूरे देश में बजेगा डंका
कानपुर। लोकसभा चुनाव का आगाज हो चुका है। राजनीतिक दल जहां एक-दूसरे को हराने के लिए रणनीति बना रहे हैं तो वहीं नेता 2019 का सियासी सफर कैसा रहेगा ज्योतिषाचार्यों के पास जाकर अपनी-अपनी कुंडली दिखवा रहे हैं। इसी बीच कांग्रेस के कांग्रेस की नवनियुक्त महासचिव प्रियंका गांधी के गृहदशा के बारे में जाने-मानें ज्योतिषाचार्य पंडित बलराम तिवारी से बातचीत की गई तो उन्होंने कई जानकारियां दीं। पंडित बलराम ने बताया कि प्रियंका गांधी के सितारे बुदंल हैं और 2022 में उनका डंका पूरे देश में बजेगा। उन्हें राजयोग मिल सकता है। इन तीन सालों में वो अपने भाई राहुल गांधी के लिए शुभ रहेंगी। कांग्रेस पार्टी पहले से ज्यादा ताकतवर होगी।
राहुल के लिए लकी हैं प्रियंका
पंडित बलराम तिवारी ने बताया कि प्रियंका गांधी का जन्म 12 जनवरी 1972 को दिल्ली में मिथुन लग्र में हुआ था। मिथुन लग्र का स्वामी बुध ग्रह है इसलिए ऐसे जातक बुद्धिमान, चालाक, राजनीतिक सूझ-बूझ रखने वाले तथा दूसरे के मन की बात को जानने वाले होते हैं। बताया, प्रियंका इस समय शुक्र महादशा में शनि अंतर्दशा से गुजर रही हैं जोकि 23 नवम्बर 2020 तक रहेगी। शनि की अगर डिग्रियों को देखा जाए तो वह 11वें भाव में आ जाता है तथा सूर्य के नक्षत्र में है। शनि जिस घर में बैठता है उस घर की रक्षा करता है इसलिए प्रियंका अपने बड़े भाई राहुल गांधी की योजनाओं को आगे ले जाने में सहायक सिद्ध होंगी।
2022 में प्रियंका का बजेगा डंका
पंडित बलराम तिवारी के मुताबिक एक राशि में शनि अढ़ाई से तीन वर्ष तक रहता है इसलिए इसके अच्छे नतीजे भी चाहे देरी से मिलते हैं लेकिन अंतिम परिणाम शुभ होते हैं। 20 मई, 2022 से जब शनि गोचर में कुंभ राशि में होगा तो प्रियंका की राजनीति का डंका पूरे देश में बजेगा। यूपी ही नहीं देश की सियासत में वो अहम रोल अदा करेंगी। 2024 में उनके नेतृत्व में कांग्रेस मजबूत होगी। प्रियंका गृहों के चलते राहुल गांधी को बड़ा पद भी मिल सकता है। पंडित बलराम तिवारी ने बताया कि प्रियंका के आने से कांग्रेस की ताकत में जबरदस्त इजाफा होगा।
आएंगी परिवारिक समस्याएं
पंडित बलराम तिवारी ने बताया कि प्रियंका की राशि में लग्र का उप नक्षत्र स्वामी बृहस्पति ग्रह है। ज्योतिष में बृहस्पति को एक बड़ा ग्रह माना जाता है। प्रियंका की कुंडली में लग्र में राहू तथा सातवें घर में केतु 7 मार्च को प्रवेश कर जाएंगे इसीलिए सरकार की तरफ से उनके परिवार के सामने समस्याएं आ सकती हैं। प्रियंका की कुंडली में लग्नेश बुध है इसलिए वह बड़े नेताओं का पूरा आदर-सम्मान करती हैं। शुक्र प्रियंका की कुंडली में डिग्रियों के हिसाब से 8वें घर में चला जाता है। वह आगे मंगल के नक्षत्र में है जोकि 10वें घर में है। इसीलिए प्रियंका को पारिवारिक तौर पर पृष्ठभूमि में सत्ता मिली है। प्रयंका में 8वें व 10वें घर के संयोग के कारण प्रबंधकीय कौशल भी मौजूद हैं।
इस लिए देर से सियासत में आई
पंडित बलराम तिवारी बतते हैं कि प्रियंका शुक्र महादशा में 20 जनवरी 2004 से गुजर रही हैं। आरंभ में उनकी प्राथमिकताएं पांचवें व 7वें घर से जुड़ी रहीं अर्थात पति व बच्चों के प्रति प्रियंका समर्पित रहीं। आधी महादशा गुजर जाने के बाद प्रियंका ने राजनीति में प्रवेश किया। शुक्र उनकी कुंडली में चौथे, 10वें व 11वें भाव को इंगित करता है तथा वह 7वें तथा 11वें का स्टार लॉर्ड है। शुक्र 5वें व 12वें घर का मालिक होकर 8वें में है।
राहुल को करना पड़ेगा इंतजार
ज्योतिषाचार्य पंडित बलराम तिवारी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राहुल गाधी की कुंडली देखी और बताया कि दोनों ही वृश्चिक राशि के जातक हैं, और दोनों ही के ऊपर शनि की साढ़ेसाती चल रही है । पर राहुल गांधी की कुंडली में शनि नीच भाव का है । वर्तमान में आगामी 14 अक्टूबर से गुरु जो कि राहुल गांधी की राशि में प्रवेश करने जा रहा हैं, जिसके चलते इनको राजनीति में थोड़ा फायदा अवश्य होगा लेकिन वो प्रधानमंत्री के पद से दूर रह सकते हैं। 2019 के चुनाव में राहुल को ज्यादा सफलता नहीं मिलेगी। राहुल की कुंडली के ग्रहों की चाल से पता चलता है कि 2019 के चुनाव के बाद जब अगला चुनाव 2024 का होगा तब तक शायद राहुल गांधी पूरी तरह राजनीतिक परिदृश्य से दूर हो जाएं ।
Published on:
24 Feb 2019 02:12 pm
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