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यूनीवर्सिटी : 5 हजार छात्रों के एडमिशन पर छाए संकट के बादल

सीएसजेएम यूनिवर्सिटी के तुगलकी फरमान ने 5 हजार स्टूडेंट्स की धड़कनें बढ़ा दी हैं. यूनिवर्सिटी प्रशासन ने कई कॉलजों के कैम्पस में चल रहे प्रोफेशनल कोर्सेस में डायरेक्ट एडमिशन लेने वाले छात्रों का प्रवेश अमान्य घोषित कर दिया है.
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कानपुर

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Alok Pandey

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Updated: 11 Jul 2018, 12:53 PM IST

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यूनीवर्सिटी : 5 हजार छात्रों के एडमिशन पर छाए संकट के बादल

कानपुर। सीएसजेएम यूनिवर्सिटी के तुगलकी फरमान ने 5 हजार स्टूडेंट्स की धड़कनें बढ़ा दी हैं. यूनिवर्सिटी प्रशासन ने कई कॉलजों के कैम्पस में चल रहे प्रोफेशनल कोर्सेस में डायरेक्ट एडमिशन लेने वाले छात्रों का प्रवेश अमान्य घोषित कर दिया है. कॉलेजों को इस संबंध में नोटिस भी जारी कर दी गई है.

ऐसा कहना है यूनिवर्सिटी का
इस बारे में यूनिवर्सिटी का कहना है कि जिन स्टूडेंट्स को उनकी ओर से कॉलेज आवंटित किया गया था उनके प्रवेश क्यों नहीं लिए गए. यूनिवर्सिटी के इस आदेश का असर शहर के कॉलेजों में प्रोफेशनल कार्सेस में एडमिशन लेने वाले करीब 5000 छात्रों पर पड़ेगा.

कॉलेजों ने भी दिया जवाब
कॉलेजों ने भी नोटिस पर अपना जवाब यूनिवर्सिटी को भेजते हुए कहा है कि उन्होंने किसी नियम को उल्लंघन नहीं किया है. पीपीएन कॉलेज के प्रिंसिपल कर्नल प्रो. इंद्रजीत सिंह यूनिवर्सिटी की प्रवेश परीक्षा और काउंसिलिंग सिर्फ सीएसजेएमयू कैम्पस में चले रहे संस्थानों के लिए है. बाकी कॉलेज डायरेक्ट एडमिशन ले सकते हैं. इस तरह का आदेश पूर्व प्रो वीसी प्रो. नन्दलाल जारी कर चुके हैं. इस आदेश के तहत ही 8 सालों से छात्रों को प्रवेश दिए जा रहा है. यूनिवर्सिटी की तरफ से अब तक नियमों के बदलाव का कोई नया आदेश नहीं आया है.

बिना काउंसिलिंग नो एडमिशन
सीएसजेएमयू से संबद्ध पीपीएन कॉलेज, वीरेन्द्र स्वरूप मैनेजमेंट स्टडीज सहित कई कॉलेजों में सेल्फ फाइनेंस कैटेगरी में बीसीए, बीबीए व अन्य प्रोफेशनल कोर्सेस चलते हैं. सीएसजेएमयू के नये रजिस्ट्रार डॉ. विनोद कुमार सिंह ने 7 जुलाई को एक आदेश प्रवेश प्रक्रिया को लेकर जारी कर दिया. इसमें साफ लिखा गया है कि कॉलेज प्रशासन ने जो डायरेक्ट एडमिशन लिए हैं. वह नियम के विपरीत हैं. उनको कैंसिल कर दिया जाएगा. यूनिवर्सिटी की काउंसिलिंग प्रक्रिया के इतर जो भी कॉलेज ने प्रवेश लिए हैं उन्हें अमान्य घोषित कर दिया जाएगा.

ऐसा कहना है उपकुल सचिव का
उपकुल सचिव प्रदेश विद्यानंद त्रिपाठी बताते हैं कि कुछ कॉलेजों की शिकायतें मिल रहीं थीं कि काउंसिलिंग वाले स्टूडेंट्स को वापस किया जा रहा है. सिर्फ डायरेक्ट ही एडमिशन दिया जा रहा है. कॉलेज पहले यूनिवर्सिटी के भेजे छात्रों को प्रवेश दें. इसमें किसी कॉलेज को समस्या है तो वह विवि प्रशासन से संपर्क कर ले. नियमों का उल्लंघन करने वाले कॉलेज के एडमिशन कैंसिल किए जाएंगे.