
बकरीद को लेकर नया विवाद - त्योहार 22 अगस्त को या 23 अगस्त को
कानपुर. जिल्हिज का चांद नजर आया अथवा नहीं, इस मसले को लेकर मुस्लिम बिरादरी के शिया और सुन्नी के बीच नया टकराव पैदा हो गया है। सूबे की शिया चांद कमेटी ने कल देर जिल्हिज चांद नजर आने का दावा करते हुए रात चांद का एलान कर दिया है, जबकि जिल्हिज के चांद को लेकर सुन्नी समुदाय की राय जुदा है। शिया बिरादरी का दावा दुरुस्त है तो 22 अगस्त को बकरीद मनाई जाएगी, जबकि सुन्नी बिरादरी के मुताबिक, हज के मुताबिक, 23 अगस्त को बकरीद होगी। इस विवाद पर मुस्लिम बुद्धिजीवियों का कहना है कि ईद और बकरीद में अंतर है। ईद को चांद रात के तुरंत बाद मनाते हैं, इसलिए तारीख का भ्रम ज्यादा रहता है, जबकि बकरीद चांद रात के दस रोज बाद होती है। ऐसे में सउदी से चांद रात की तस्कीद होने के बाद बकरीद की तारीख का ऐलान करेंगे।
शिया कमेटी के दावे से ज्यादातर को इत्तेफाक नहीं
गौतलब है कि सूबे की शिया चांद कमेटी ने कल देर रात चांद नजर आने का एलान कर दिया है, जबकि जिल्हिज के चांद को लेकर सुन्नी समुदाय की राय अलग है। लखनऊ के काजी ए शहर मुफ्ती इरफान फरंगी महली ने चांद की तस्दीक न होने पर 23 अगस्त को बकरीद मनाने का एलान किया। मरकजी चांद कमेटी के अध्यक्ष मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने चांद दिखने के दावे के साथ 22 अगस्त को बकरीद मनाने का एलान किया है। इसी तरह मरकजी शिया चांद कमेटी के अध्यक्ष मौलाना सैफ अब्बास ने भी सोमवार को पहली जिल्हिज होने के साथ 22 अगस्त को बकरीद का त्योहार मनाने का एलान किया है। वहीं काजी ए शहर मुफ्ती इरफान मिया फरंगी महली ने 30 के चांद के मुताबिक मंगलवार को पहली जिल्हिज होने के साथ 23 अगस्त को बकरीद मनाने का एलान किया। उन्होंने बताया कि रविवार को किसी भी शहर से चांद की तस्दीक नहीं हुई है, इसलिए 23 अगस्त को बकरीद होगी।
सउदी से होगा दुरुस्त ऐलान, परेशान होने की जरूरत नहीं
बकरीद के विवाद पर मुस्लिम समुदाय परेशान हैं, लेकिन पढ़े-लिखे लोग मुतमईन हैं। कानपुर में शिया बिरादरी से ताल्लुकात रखने वाले और हेरिटेज मामलों के जानकार मजहर अब्बास नकवी का कहना है कि राजनीतिक लाभ-हानि के लिए कुछ लोग पर्दे के पीछे से फिजूल कामों में जुटे हैं। आए दिन विवादित बयान देकर कौम को बांटने की कोशिश में जुटे एक चेहरे के इशारे पर बकरीद की तारीख को लेकर भ्रम फैलाया गया है। उन्होंने कहाकि ईद और बकरीद में अंतर है। ईद को त्योहार चांद रात के तुरंत बाद मनाते हैं, ऐसे में ईद की तारीख पर भ्रम फैलाने पर दिक्कत होती है। बकरीद को लेकर ऐसा नहीं है। जिल्हिज का चांद नजर आने के दस रोज बाद बकरीद होती है। ऐसे में वक्त है, सउदी से तस्दीक करने के बाद बकरीद की दुरुस्त तारीख का ऐलान किया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि बकरीद 23 अगस्त को होगी।
Updated on:
13 Aug 2018 01:25 pm
Published on:
13 Aug 2018 10:34 am

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