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Sushma Swaraj : 7 साल पहले कानपुर में सुषमा स्वराज ने रखी थी ‘सबका विश्वास’ की नींव

पूर्व केंद्रीय मंत्री सुषमा स्वराज के निधन पर रो पड़ा शहर, भाजपा नेता, मंत्री सहित कार्यकर्ताओं ने शोक व्यक्त किया है।

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कानपुर। Sushma Swaraj dies पूर्व विदेशमंत्री व भाजपा की कद्दावर नेता सुषमा स्वराज अब इस दुनिया में नहीं रही। उनके निधन से कानपुर ही नहीं पूरे देश में शोक की लहर है। भाजपा नगर अध्यक्ष सुरेंद्र मैथानी BJP city president Surendra Maithani ने कहते हैं, दीदी हमें ऐसे छोड़कर चली जाएंगी, कभी सोचा नहीं था। जब भी दिल्ली जाते तो दीदी से खुद घर बुलाती और कानपुर के बारे में चर्चा किया करती। नगर अध्यक्ष बताते हैं, चुनाव के दौरान प्रचार के लिए वह कई बार शहर आईं। शहर से उनका गहरा लगाव था। इसलिए कई बार उन्होंने सामाजिक संस्थाओं के कार्यक्रमों में भी हिस्सा लिया। जब भी आईं, भाजपा और मुसलमानों के बीच की खाईं को पाटने की कोशिश करती रहीं। दीदी ने सात साल पहले मुस्लिम समाज के लोगों को भाजपा में एंट्री करा इसकी बुनियाद रखी थी, जो आज भी बरकरार है।

7 साल पहले कानपुर आई थीं दीदी
सुरेंद्र मैथानी Surendra Maithani बताते हैं कि 2012 के विधानसभा चुनाव 2012 Assembly Elections के दौरान सुषमा दीदी Sushma Swaraj कानपुर आई थीं। कल्याणपुर से भाजपा उम्मीदवार प्रेमलता कटियार Premlata Katiyar के लिए गंगा के किनारे एक जनसभा की थी। उस वक्त सुषमा दीदी ने भाषण दिया और कांग्रेस, सपा व बसपा को मुसलमानों का विरोधी बता भाजपा के साथ आने की अपील की थी। खुद मंच से उन्होंने सौ से ज्यादा युवाओं को भाजपा में प्रवेश करा इसकी शुरूआत की थी। सात साल के दौरान कानपुर नगर, साउथ और देहात में 25 हजार से ज्यादा मुस्लिम कार्यकर्ता कमल को जमीन में खिलाने के लिए जुटे हैं।

सबका जीता था विश्वास
भाजपा कार्यकर्ता सुहैल कहते हैं कि भाजपा की प्रत्याशी रहीं प्रेमलता कटियार चुनाव हार गई थीं, लेकिन सुषमा स्वराज का सद्भाव और महंगाई पर भाषण आज भी लोगों को याद है। बताते हैं, सभा में आए मुस्लिम समाज को उन्होंने भाजपा के करीब लाने की कोशिश की थी। उन्हें समझाया था कि कांग्रेस और सपा से लेकर बाकी सभी दलों ने उनका इस्तेमाल केवल वोट बैंक के रूप में ही किया है। जिसका नतीजा रहा कि मुस्लिम बाहूल्य सीट कैंट से भाजपा को जीत मिली और कानपुर में भगवा ध्वज फहराया। सुहैल कहते हैं कि 2012 में हमें सुषमा दीदी ने भाजपा की सदस्यता दिलाई थी। जिसके बाद मुस्लिम समाज का एक बड़ा वर्ग भाजपा के साथ जुड़ गया और वह सिलसिला अब भी जारी है।

17 साल पहले दिया था भाषण
नगर अध्यक्ष बताते हैं, 17 साल पहले लाजपत भवन में भाजपा के प्रबुद्ध प्रकोष्ठ के कार्यक्रम में उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा था कि लोगों को पार्टी की नीतियां बताकर उन्हें अपने से जोड़ें। जब लोग जुड़ेंगे तभी पार्टी मजबूत होगी। स्वच्छ छवि के लोगों को पार्टी में लाने का मंत्र सुषमा स्वराज शहरवासियों को दे गई थीं। नगर अध्यक्ष ने कहा कि सुषमा दीदी ने पार्टी और देश को सदैव ऊपर रखा। कार्यकर्ताओं का सम्मान उनके लिए सर्वोपरि था। उन्होंने अपने संबोधन में कहा था कि भाजपा से हर वर्ग के लोगों को जोडऩा है। ताकि पार्टी और संगठन का विस्तार हो सके।

मां को कहा था बेदाग नेता
कल्याणपुर से विधायक नीलिमा कटियार कहती हैं मुझे आज भी याद है, जब सभा में हमारी मां व पूर्व विधायक प्रेमलता कटियार को गले लगाकर सुषमा दीदी ने उन्हें बेदाग नेता करार दिया था। कहा, उनके मन में कार्यकर्ताओं के लिए सदैव आदर का भाव था। बताती हैं, सुषमा स्वराज को कानपुर के सभी पदाधिकारी व कार्यकर्ता दीदी कहकर पुकारते थे। मैं भी उन्हीं की तरह एबीवीपी से जुड़ी और फिर भाजपा में एक छोटे से कार्यकर्ता के रूप में जनता के लिए काम किया। वह अक्सर कहती थीं कि नेता वही, जो जनता को भाए। वह एक-एक वोट का महत्व समझती थीं। उन्होंने मुझसे कहा था कि चुनाव जीतने के बाद जिसने वोट नहीं दिया, पहले उसका दिल जीतना और उनके सुख-दर्द में जाना। उनकी समस्याओं का निराकरण कराना।