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पहले टॉयलेट घर-घर पहुंचाएं, फिर फोटो खिचवाएं मुख्यमंत्री जी

किसान टीम की इस कार्रवाई से दहशत में आ गया और कुएं में छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली।

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First toilet should reach to every house

विनोद निगम
कानपुर. एक तरफ जहां भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूपी के मुखिया योगी आदित्य नाथ सूबे को स्मार्ट सिटी और ग्रामीण इलाकों को ओडीएफ गांव बनाने की मुहीम चला रहें हैं, लेकिन उन्हीं के अफसर इस पर पलीता लगा रहे हैं। ऐसे कई गांव है, जहां पर लोगों के पास टॉयलेट नहीं है, जिसके कारण वह खेतों पर खुले में शौंच के लिए जा रहे हैं, जिन्हें ओडीएफ की टीमें पकड़ कर सबक सिखा रही हैं। ऐसा ही एक मामला घाटमपुर कोतवाली क्षेत्र के चतुरीखेड़ा गांव में सामने आया, यहां एक किसान को खुले में शौंच करते वक्त ओडीएफ की टीम ने पकड़ लिया और उसकी फोटा खीच ली। किसान टीम की इस कार्रवाई से दहशत में आ गया और कुएं में छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज जांच शुरू कर दी है। मृतक के परिजनों ने कहा कि सीएम योगी आदित्यनाथ को पहले घर-घर शौचायलों का निर्माण करवाना चाहिए, फिर खुले में शौंच करने वालों पर कार्रवाई का आदेश देना चाहिए।
टीम ने खुले में शौंच करते हुए पकड़ा
घाटमपुर अंतरगर्त आने वाले चतुरीखेड़ा गांव में उस वक़्त हड़कंप मच गया जब गांव में रहने वाले खुशीलाल का शव कुएं में मिलने की सूचना आग की तरह फ़ैल गयी। खुशीलाल के मौत की खबर मिलते ही पुरे परिवार में महातम छा गया। मृतक की पत्नी छिद्दी देवी ने बताया कि पति 21 फरवरी को शौंच के लिए खेत गए हुए थे। काफी देर तक ज बवह नहीं वापस आए तो हमलोगों ने उनकी खोज खबर की, लेकिन कहीं पता नहीं चला। 26 फरवरी को थाने जाकर गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। रविवार को पड़ोस के गांव गाजीपुर स्थित कुएं के अंदर एक शव पड़े होने की जानकारी मिली। हम भागकर मौके पर पहुंचे तो पति का शव पड़ा हुआ था। मृतका के पत्नी का आरोप है कि प्रधान व सचिव ने हमें टॉयलेट नहीं दिया, जिसके कारण पति और घर के सभी सदस्यों को बाहर ही शौंच के लिए जाना पड़ता है। लेकिन ओडीएफ की टीमें खुले में शौंच करने वालों को पकड़ रही हैं। साथ ही फोटो खीचने के अलावा जेल भेजने की धमकी देती हैं।
पकड़ो कान-दोबारा पाए गए तो जाओगे जेल
मृतक की पत्नी ने बताया कि गांव में ओडीएफ टीम ने 21 फरवरी की सुबह खुले में शौच कर रहे पति खुशीलाल पाल की फोटो खींच ली थी। टीम के सदस्यों ने पति के गांववालों की मौजूदगी में काम पकड़ाए और दोबारा पकड़े जाने पर जेल भेजने की धमकी दी थी। मृतका की पत्नी ने बताया कि फोटो खींचने की जानकारी होने पर कुछ ग्रामीणों ने मजाक में पति से कहा कि अब उसे जेल जाना पड़ेगा। इससे घबराकर पति ने 21 फरवरी की रात में घर से कहीं चले गए और रविवार को उनके शव मिलने की जानकारी मिली।
खुशीलाल की खुदकुशी के बाद गांववलों का गुस्सा सरकार और उनके अफसरों पर फूट पड़ा। गांववलों ने बताया कि इनदिनों क्षेत्र में कई ओडीएफ की टीमें गांव-गांव जाकर लोगों को खुले में शौंच करने से रोकने के लिए कई हथकंडे आजमा रही हैं। राजकुमार ने बताया कि हमलोगों के सामने ओडीएफ की टीम के सदस्यों ने किसान की पहली नग्न अवस्था में फोटो खीची फिर से उसे बेइज्जती की। इसी के चलते वह दशहत में आ गया और खौफनाक कदम उठा लिया। मृतका की पत्नी ने बताया कि घर में पति ही अकेले कमाने वाला था, जिसे सीएम योगी के अफसरों के आत्महत्या करनी पड़ी। घर पर मृतक के बुजुर्ग माता-पिता का हाल बेहाल था और वह टॉयलेट के साथ ओडीएफ की टीम को कोस रहे थे।
कुएं में उतराया देखा शव
रविवार दोपहर जानवर चरा रहे लोगों ने पड़ोसी गांव गाजीपुर निवासी धर्मराज सिंह के बगीचे के भीतर बने कुएं में शव उतराया देखा तो पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से शव को बाहर निकाला तो उसकी पहचान खुशीलाल के रूप में हुई। सूचना पर खुशी लाल के परिवार के लोग भी पहुंच गए। कुछ ग्रामीण कह रहे थे कि खुशीलाल जेल जाने की धमकी के चलते डर गया था और इसी के चलते उसने आत्महत्या की है। घाटमपुर कोतवाली इंस्पेक्टर देवेन्द्र दुबे ने बताया कि ओडीएफ टीम द्वारा फोटो खींचने के बाद डरे खुशीलाल की आत्महत्या करने की शिकायत नहीं की गई है। यदि कोई तहरीर आएगी तो जांच के बाद कार्रवाई होगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद कुछ स्थिति साफ हो सकती है। घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच की जा रही है।

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