
अमित शाह ने तय कर दिया एजेंडा, CM योगी के जरिए फतह करेंगे किला
कानपुर। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह दो दिवसीय यूपी के दौरे पर आए थे। यहां उन्होंने सबसे पहले मिर्जापुर में विस्तारकों के साथ बैठक की, फिर बनारस में सोशल मीडिया संयोजकों को जीत का मंत्र दिया। गुरूवार को उनका काफिला आगरा पहुंचा। यहां पर ब्रज, कानपुर और पश्चिमी यूपी इन तीन प्रांत के विस्तारकों के साथ ही आईटी टीम के साथ लोकसभा चुनाव को लेकर मंथन किया। इस दौरान अमित शाह ने तीनों क्षेत्रों की 39 सीटों पर फहत का खाका खींचा और चुनाव सीएम योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में लड़ने की जानकारी भाजपा पदाधिकारियों को दी। बैठक के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 75 जिलों में रैलियां का प्लॉन तैयार किया गया। साथ ही सीएम योगी आदित्यनाथ अपनी टीम के साथ यूपी का चप्पा-चप्पा छानेंगे और भगवा रंग में रंगे और कढ़े होंगे। पीएम मोदी जहां विकास पुरूष के तौर पर अपने को पेश करेंगे तो वहीं सीएम को हिन्दुवादी क्षवि की धार तेज करते हुए देखे जाएंगे।
इसके चलते बनाई रणनीति
2014 के लोकसभा चुनाव के बाद 2017 के विधानसभा चुनाव में उत्त्तर प्रदेश की दो बड़ी पार्टियों समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी को मिली करारी शिकस्त के साथ 20 राज्यों में भाजपा की सरकार बनने से प्रदेश ही नहीं देश के सभी राजनैतिक नेताओं के सामने अपने अस्तित्व का खतरा पैदा हो गया और जो दल कभी एक-दूसरे को फूटी आँख नहीं सुहाते थे अपने-अपने अस्तित्व को बचाने के लिए भाजपा के विरुद्ध लामबंद होने लगे। समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी एक-दूसरे के धुर विरोधी रहे हैं पर 2019 के लोकसभा चुनाव के लिए सपा-बसपा के बीच चुनावी गठबंधन की आधारशिला भी रख दी। इसी के चलते आगामी लोकसभा चुनाव के समीकरण और हालात भाजपा के लिए चुनौतीपूर्ण हैं। सपा-बसपा से जुड़े मुस्लिम, पिछड़े और दलित मतदाताओं का समीकरण भाजपा को धराशाई करने के लिए काफी है। यही कारण है कि अमित शाह ने बैठक के दौरान पूरी प्लॉनिंग विस्तारकों के साथ तैयार की। जिसमें तय हुआ कि सीएम योगी के साथ हिंदुत्व’ चेहरा और ’मुद्दा’ मज़बूरी है।
137 विस्तारकों ने रखी मांग
भाजपा की रीड़ की हड्डी विस्तारक जीत-हार में अहम रोल निभाते हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले यूपी का प्रभार मिलने के बाद अमित शाह ने सबसे पहले गुजरात की तर्ज पर विस्तारों की नियुक्ति की। बूथ प्रमुखों और मंडल प्रमुख हर विधानसभा में बनाए गए। कानपुर-बुंदेलखंड के 17 जिलों की 52 विधानसभा और 10 लोकसभा सीटों पर ं28 विस्तारकों के अलावा 19823 पुरूष व 19823 महिला बूथ प्रमुखों भाजपा के लिए 2014 से लगातार जमीन तैयार कर रहे हैं। इन्हीं पदाधिकारियोंने अमित शाह को भाजपा के मंत्री व सांसदों के काम-काज का लेखा-जोखा पेश किया। विस्तारकों ने बैठक के दौरान सांसदों के कार्यो के खिलाफ रिपेर्ट दी, जिसके चलते कईयों के टिकट कटने भी तय हैं। साथ ही चुनाव दो मुद्दों पर लड़के की बात कही। पीएम नरेंद्र मोदी की रैलियों में जनता विकास, पाकिस्तान, कश्मीर, नोटबंदी, जीएसटी मुद्रा बैंक और मेक-इंन-इंडिया की झलख दिखेगी तो वहीं सीएम योगी की सभाओं में जयश्रीराम के नारे गूंजेंगे। सूत्रों की मानें तो संघ परदे के पीछे पूरी रणनीति तैयार कर रहा है और क्षत्रपों की राजनीति को सीएम योगी के जरिए ध्वस्थ करने के एजेंडे में काम कर रहा है।
वोट प्रतिशत कम होने पर जताई चिंता
बैठक के दौरान 2014 के बाद जितने चुनाव हुए उनमें मत प्रतिशत कम हुआ है। पदाधिकारियों ने इसे बड़ी चिंता की वजह मानते हुए, इससे निपटने के कारगर कदम उठाने की राय राष्ट्रीय अध्यक्ष के सामने रखी। बीजेपी के भरोसेमंद सूत्रों के मुताबिक राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने साफ कहा कि इससे निपटने के लिए पार्टी को मिलने वाले वोट प्रतिशत को बढ़ाकर 51 फीसदी करने का रणनीति है, इस पर गंभीरता से आगे बढ़ना है। इसके लिए वोटर लिस्ट पर नजर रखनी होगी। वोटर लिस्ट के सत्यापन के लिए डोर-टू-डोर और ’मैन टू मैन मिलना होगा। नए वोट बनवाने और बोगस वोट कटवाने के लिए कड़ी मेहनत करनी होगी। कहा कि पश्चिम, ब्रज और कानपुर इन तीनों क्षेत्रों 39 लोकसभा सीटें बीजेपी आसानी से जीत सकती हैं। यहां पार्टी की मजबूत टीम काम करने के लिए है।
पीएम के बाद सीएम योगी चेहरा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बाद देश में अगर कोई हिंदुत्ववादी चेहरा है तो वो एकमात्र सीएम योगी आदित्यनाथ को ही जाना जाता है और 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा उत्तर प्रदेश के साथ-साथ देश के विभिन्न राज्यों में मोदी के मुखौटे के रूप में हिंदुत्ववादी चेहरे के रूप में सीएम योगी का पूरा-पूरा लाभ उठाने की लिए रणनति बनाई गई। बैठक के दौरान र् गोरखपुर, फूलपुर और कैराना लोकसभा उपचुनाव में मिली हार पर चर्चा हुई। जहां विस्तारकों ने अमित शाह को अहम जानकारी दी। बताया गया कि यूपी में करीब 19.50 फीसदी मुस्लिम वोटर्स है जो सपा उम्मीदवार के पक्ष में चला गया और आगे भी अखिलेश और मायावती के साथ देकर भाजपा को हरा सकते हैं। इनकी काट के लिए सिर्फ सीएम योगी आदित्यनाथ अहम किरदार निभा सकते हैं।
Published on:
07 Jul 2018 08:55 am

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