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धनुष से दुश्मन के दांत खट्टे करेगी सेना

कानपुर में तैयार धनुष और सारंग की मारक क्षमता सेना को देगी नई ताकत  

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धनुष से दुश्मन के दांत खट्टे करेगी सेना

कानपुर। सरहद पर सेना अब धनुष से दुश्मन पर सटीक वार करेगी। कानपुर में निर्मित स्वदेशी तोप धनुष जल्द ही सेना की ताकत बढ़ाएगी। कानपुर की आर्डिनेंस फैक्ट्री और फील्ड गन फैक्ट्री में तैयार धनुष और सारंग तोपें विदेशी तोपों की जगह लेंगी। फरवरी में दोनों गन भारतीय सेना का हिस्सा होंगी।

बोफोर्स को किया जाएगा रिप्लेस
सबसे मारक क्षमता वाली स्वदेशी निर्मित तोप धनुष को बोफोर्स की जगह तैनात किया जाएगा। बोफोर्स के मुकाबले धनुष की मारक क्षमता १८ किलोमीटर ज्यादा है। इसका परीक्षण हो चुका है और अगले माह इसे सेना में शामिल कर लिया जाएगा। फिलहाल ४१४ तोप सेना को दी जाएंगी, बाद में इनकी संख्या और बढ़ाई जाएगी। ३१ साल पुरानी बोफोर्स की जगह धनुष के शामिल होने से सेना की ताकत में इजाफा होगा।

एम-४६ टाउड की जगह लेगी सारंग
रूसी तोप एम-४६ टाउड १९६८ से भारतीय सेना के पास है। इसकी जगह स्वदेशी निर्मित तोप सारंग लेगी। इसका कैलिबर १३० एमएम है और इसे ओएफसी व फील्डगन फैक्ट्री तैयार करेंगे। यह भी बताया गया कि सारंग इजरायली तोप सॉल्टम की तकनीक पर आधारित है। मार्च माह में इस तोप के परीक्षण के बाद सेना ने आर्डर हासिल किया था। वर्ष २०२२ तक ३०० सारंग तोप सेना को मिलेंगी।

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