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अखिलेश-राहुल पर भारी पड़े पीएम-सीएम योगी, आसमान में होगी जमकर रंगों की आतिशबाजी

बाजार में पीएम-सीएम पिचकारी की डिमांड बढ़ी, पहली बार रंगों की आतिशबाजी
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कानपुर

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Vinod Nigam

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Updated: 28 Feb 2018, 6:45 PM IST

 बाजार में पीएम-सीएम पिचकारी की डिमांड बढ़ी, पहली बार रंगों की आतिशबाजी

कानपुर। होली पर्व के चलते शहर के बाजार गुलजार हैं और पिचकारियों की जबरदस्त बिक्री हुई है। पिछले साल के तुलना में इस वर्ष पीएम मोइह और सीएम योगी के नाम की पिचकारियों की डिमांड ज्यादा रही, वहीं अखिलेश यादव व राहुल गांधी भी दुकानों में नजर आए। पर सबसे ज्यादा कीमत पीएम नरेंद्र मोदी की पिचकारी और उनके मुखौटे को मिली। इसके अलावा रंग बनाने वाली कंपनियों के साथ आतिशबाजी बनाने वाली कंपनिया भी होली के बाजार में उतर आयी हैं। दीपावली के मौके पर अमावस की काली रात को आसमान में फूटती आतिशबाजी और उससे फूटती रंगबिरंगी रोशनी किसे नहीं अच्छी लगती। अब इन्हीं पटाखों के साथ होली के मौके पर रंग आसमान में बिखरते नजर आएंगे।
लोगों की दिलचस्पी न के बराबर
पूरे देश में होलिका दहन के बाद लोग रंग-गुलाल में सराबोर हो जाते हैं, लेकिन कानपुर में इसके विपरीत होली खेली जाती है। हटिया बाजार से रंगबाजों की टोली निकलती है और पूरे शहर में घूम-घूम कर रंग खेलती है। यह सिलसिला पूरे एक सप्ताह तक चलता है। इसी के चलते यहां के कारोबारी बड़े पैमाने पर होली का समान लाकर बेचते हैं। इस साल होली से पहले बाजारों में पीएम मोदी और सीएम योगी की पिचकारी की जबरदस्त डिमांड ह, वहीं अखिलेश यादव और राहुल गांधी के नाम व मुखौटों के खरीदार कम मिल रहे हैं। पीरोड में होली की दुकान लगाए रज्जू गुप्ता बताते हैं कि सबसे ज्यादा डिमांड पीएम मोदी के मुखौटे और पिचकारी की है। इसके बाद बच्चे, युवा सीएम योगी के नाम वाले प्रोजेक्ट खरीद रहे हैं। जबकि राहुल गांधी, अखिलेश यादव, लालू यादव, सोनियां गांधी और मायावती के नाम के प्रोजेक्टों पर लोगों की दिलचस्पी न के बराबर है।
इस वर्ष महंगी हुई होली
इसके साथ ही थोक बाजार की गलियों से निकल कर रंग अब शहर के मोहल्लों में पहुंच चुका है। छोटी-छोटी दुकानों तक में रंगों की दुकानें सज चुकी हैं। गलियों में रंग बेचने वालों की आवाज आनी शुरू हो चुकी हैं। गलियों में रंग बेचने वालों के ठेलों पर रंग के अलावा काला, सिल्वर, गोल्डन रंग भी बिक रहा है। इन रंग को हाथ में तेल लगाने के बाद लगाया जाता है। जमकर होली खेलने वाले बच्चों को ये रंग बहुत पसंद आते हैं। वहीं रंगों की कीमत पिछले साल की तुलना में बीस फीसदी ज्यादा है। सुगंधित कलर स्मोक की कीमत 120 रुपये, तरे स्काई कलर राकेट 180 का बिक रहा। साथ ही फाइव शाट स्काई कलर 450 में तो हर्बल गुलाल 70 रुपये किलो बिक रहा। वहीं 25 से 60 रुपये स्नो फेना, 45 रुपये किलो नार्मल गुलाल और 300 से 600 रुपये किलो कलर के रेट हैं।
होली में दिवाली का नजारा
,रंग बरसे के नाम से आया स्काई कलर राकेट आसमान में जाकर फटेगा और उससे रंगीन धुआ निकलेगा। बाजार में 180 रुपये में इसका दो पीस का पैक मौजूद है। सुगंधित कलर स्मोक के एक पैकेट में पाच पीस हैं। बम की तरह इसमें एक पलीता लगा है जिसमें आग लगाने से रंगीन सुगंधित धुआ निकलता है। 120 रुपये के इस पैक में चंदन, गुलाब, चमेली, मोगरा आदि की खुशबू है। फाइव शाट स्काई कलर तेज आवाज के साथ आसमान में जाकर फटेगा। इसके साथ ही आसमान में अलग-अलग रंग भी बिखरेंगे। 450 रुपये के पैक में पाच बम हैं। नयागंज के कारोबारी विशाल साहू ने बताया कि पहली बार शहर के लोग दिवाली की तरह होली मनाएंगे। इसके लिए खास तौर रंगों से भरी अतिशबाजी बाजारों में आई है, जिसकी डिमांड बहुत है।
स्नो फेना की सबसे ज्यादा मांग
बाजार में इस समय हर्बल गुलाल खूब बिक रहे हैं। जो लोग रंग से परहेज करते हैं, वे इसे खूब खरीदते हैं लेकिन वास्तविकता यह है कि ये हर्बल गुलाल टैलकम पाउडर हैं। उसमें थोड़ा सा रंग मिलाकर उन्हें रंगीन बना दिया जाता है। स्नो फेना की सबसे ज्यादा मांग बच्चों में होती है लेकिन यह खतरनाक भी होता है। इसमें अल्कोहल व केमिकल दोनों होते हैं। इसलिए आख में जाने पर नुकसान हो सकता है। इसके साथ ही किसी बच्चे पर यह पड़ा हो और वह आग के आसपास से गुजरे तो वह भी आग की चपेट में आ सकता है।