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मंडलायुक्त राजशेखर के निरीक्षण में गंगा नदी में गिरते सीसामऊ नाले की खुली पोल, जानें पूरा मामला

कानपुर में गंगा नदी को दूषित करने में सीसामऊ नाले का महत्वपूर्ण स्थान था। जिसे पूरी तरह से टाइप कर दिया गया था। लेकिन मंडल आयुक्त के निरीक्षण में नाले का गंदा पानी गंगा नदी में गिरता दिखाई पड़ा। जिस पर मंडल कमिश्नर ने आक्रोश व्यक्त करते हुए 24 घंटे का समय दिया। चेतावनी दी की नहीं तो कार्यवाही के लिए तैयार रहें।

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मंडलायुक्त राजशेखर के निरीक्षण में गंगा नदी में गिरते सीसामऊ नाले की खुली पोल, जानें पूरा मामला

Pattrika

मंडला आयुक्त ने आज सीसामऊ नाले का निरीक्षण किया। कागज में स्थाई रूप से बंद किए गए नाले का पानी गंगा नदी में गिरता दिखाई पड़ा। या देखकर उन्होंने नाराजगी व्यक्त की। मौके पर खड़े अधिकारियों से पूछताछ की। नगर निगम, जलकल विभाग, गंगा सफाई में लगी संस्था के साथ प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों से पूछताछ की। लेकिन किसी भी अधिकारी के पास नाला क्यों और कब खोला गया का जवाब नहीं था। मंडला आयुक्त डॉ राजशेखर ने संबंधित अधिकारियों को 24 घंटे के अंदर नदी में गिरते नाले को बंद करने का निर्देश दिया। बोले नहीं तो कार्रवाई के लिए तैयार रहें।

पत्रकारों से बातचीत करते हुए मंडलायुक्त राजशेखर ने बताया कि नाले का गंदा पानी सीधे गंगा नदी में जा रहा है। विशेष रुप से सीसामऊ नाला, जिसे परमानेंट बंद कर दिया गया था। जिसकी वजह से गंदा या सीवर का पानी नदी में नहीं जा रहा था। लेकिन पिछले कई दिनों से गंगा में गंदा पानी गिर रहा है। जिसकी शिकायत मिली थी।

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एक सप्ताह पूर्व दिए गए थे निर्देश

एक सप्ताह पूर्व जल निगम, गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई के अधिकारी, प्राइवेट फॉर्म कानपुर रिवर मैनेजमेंट एजेंसी और पोलूशन बोर्ड के अधिकारियों की एक मीटिंग हुई थी। जिसमें निर्देश दिया गया था कि तत्काल आवश्यक कार्रवाई की जाए। गंगा में गिरते गंदे पानी को रोका जाए। लेकिन एक सप्ताह बाद भी इसमें किसी प्रकार का सुधार नहीं हुआ। 24 घंटे का समय दिया गया है। कल इसका एक बार फिर निरीक्षण किया जाएगा। पानी रुक जाए तो अच्छा है। यदि फिर भी गंगा में गंदा पानी जाता है। तो सभी के विरुद्ध कार्रवाई के लिए शासन को लिखा जाएगा।

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