
गजब: ३१ मुकदमे वाले हिस्ट्रीशीटर को भी जारी कर दिया गया रिवॉल्वर लाइसेंस
कानपुर। शहर में असलहा लाइसेंस को लेकर हुए फर्जीवाड़ की जांच में नए-नए खुलासे लोगों को चौंका रहे हैं। ताजा मामले में एक हिस्ट्रीशीटर को रिवॉल्वर का लाइसेंस जारी कर दिया गया। खास बात तो यह है कि लाइसेंस बनने से पहले उसकी हिस्ट्रीशीट खुल चुकी थी। हिस्ट्रीशीटर के खिलाफ हत्या, वसूली, अपहरण और गैंगस्टर के 31 मुकदमे दर्ज हैं। इसके बाद भी उसे लाइसेंस जारी करना किसी के गले नहीं उतर रहा है। थाना बर्रा इंस्पेक्टर सतीश कुमार सिंह ने हेड मुंशी के हवाले से बताया कि मंगलपुर पुलिस ने जांच शुरू की है।
सब कुछ जानकर भी जिम्मेदार क्यों रहे चुप?
एक हिस्ट्रीशीटर को असलहा लाइसेंस जारी करने के पीछे साफ-साफ लापरवाही बरते जाने के संकते मिल रहे हैं, या फिर जानबूझकर ऐसा किया गया। बताया जाता है कि लोकसभा चुनाव के समय हुए सत्यापन में हिस्ट्रीशीटर के पास लाइसेंस होने का खुलासा हुआ था, पर उसके बाद मामला ठंडा पड़ गया। अब पता चला है कि फर्जी तरीके से हिस्ट्रीशीटर को लाइसेंस जारी किया गया था, उसके लिए जरूरी जांच नहीं कराई गई थी। अगर सही तरीके से जांच होती तो लाइसेंस जारी ही नहीं हो सकता था।
दूसरे पते पर जारी कराया लाइसेंस
खुलासे के बाद कानपुर देहात के एसपी अनुराग वत्स ने जांच-पड़ताल शुरू करवाई तो खुलासा हुआ कि मुंडेरा किन्नर थाना मंगलपुर के हिस्ट्रीशीटर लायक सिंह पुत्र कुंवर सिंह का रिवाल्वर का लाइसेंस बर्रा थाने से बना है। लाइसेंस में उसका पता कुंती नगर बर्रा का दिया है। इस पते पर उसका बेटा रहता है। 29 जुलाई 2004 को जारी उसका रिवॉल्वर लाइसेंस नंबर 231 है। इसी साल इसका नवीनीकरण भी हुआ है।
निरस्त होगा लाइसेंस
कानपुर देहाता एसपी अनुराग वत्स का कहना है कि मंगलपुर थाने के हिस्ट्रीशीटर का लाइसेंस कानपुर नगर से बनने की जानकारी हुई है। तथ्य जुटाए जा रहे हैं। जल्द कानपुर के जिलाधिकारी को रिपोर्ट भेजकर लाइसेंस निरस्त करने की संस्तुति की जाएगी। दूसरी ओर जिलाधिकारी विजय विश्वास पंत ने बताया कि कानपुर देहात के एसपी की रिपोर्ट मिलने के बाद लाइसेंस निरस्त करने की कार्यवाही शुरू की जाएगी। जरूरत पडऩे पर हिस्ट्रीशीटर को लाइसेंस जारी होने की जांच भी कराई जाएगी।
Published on:
24 Aug 2019 12:30 pm

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