
जम्मू-कश्मीर में पोस्टेड फौजी घर में छाप रहा था नकली नोट, घर में लगा रखा था प्रिंटर, UP के गांव में कर रहा था इनवेस्ट
सीमा पर तैनात फौजी का नाम नकली नोट के अवैध व्यापार में आया है। जिसकी पहचान गिरोह के सरगना के रूप में हुई है। फौजी की तैनाती जम्मू कश्मीर के संवेदनशील इलाके में है। जो छुट्टियों में आने के दौरान नकली नोट छापने का काम करता था। अपने कमरे में ही प्रिंटर लगा रखा था। जिसमें सौ-सौ रुपए के नकली नोट छपता था। फौजी एटीएम हैकिंग भी जानता है। डीसीपी साउथ ने बताया कि सेना के अधिकारियों से आरोपित फौजी के संबंध में लिखा पढ़ी की जाएगी। गिरोह में कई और लोगों के शामिल होने की संभावना बताई गई है।
मामले का खुलासा उस समय हुआ था। जब बीते सितंबर महीने में दुकानदारों ने पुलिस को सूचना दी कि बाजार में जाली नोट चलाए जा रहे हैं। सूचना पाकर मौके पर पहुंची। 1 अक्टूबर 2022 को पुलिस ने एक नाबालिग को गिरफ्तार किया। पूछताछ से मिली जानकारी के आधार पर विभु यादव को गिरफ्तार किया। जिसके पास से सौ-सौ रुपए के 42 हजार रुपए बरामद हुए। छानबीन के दौरान पता चला कि नाबालिक किशोर साइबर एक्सपर्ट है। जिसने डार्क वेब के माध्यम से नोट छापने वाला महंगा कागज चीन से मंगाया था।
पुलिस कस्टडी रिमांड में पूछताछ के बाद फौजी का नाम आया सामने
विवेचना के दौरान फतेहपुर जनपद के मायाराम खेड़ा निवासी अंशु सिंह का नाम सामने आया। इसके पहले की पुलिस उसे गिरफ्तार कर पाती। बीते 15 दिसंबर को उसने अदालत में सरेंडर कर दिया। बीते 23 दिसंबर को पुलिस कस्टडी रिमांड में लेकर अंशु सिंह से पूछताछ हुई। पूछताछ के दौरान कानपुर देहात के भोगनीपुर निवासी अर्पित सचान का नाम सामने आया। जिसे पुलिस ने बीते बुधवार को गिरफ्तार किया। पूछताछ के दौरान उसने एक फौजी का नाम बताया। जो नकली नोटों के कारोबार में शामिल है।
डीसीपी साउथ ने बताया की फौजी के संबंध में अधिकारियों से लिखा पढ़ी की जाएगी
इस संबंध में डीसीपी साउथ प्रमोद कुमार ने बताया कि नकली नोटों के रैकेट में एक फौजी के शामिल होने की भी जानकारी मिली है। गिरोह में कई अन्य लोग भी हैं। आरोपियों की तलाश की जा रही है। सेना के अधिकारियों को आरोपी फौजी के संबंध में लिखा पढ़ी थी जाएगी। घटना के खुलासे में साइबर विशेषज्ञों की भी मदद ली जा रही है।
Published on:
19 Jan 2023 10:30 pm

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