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किसान ने की अमेरिकन केसर की खेती, एक बीघे में 10 लाख का फायदा, ‘मन की बात’ से मिली प्रेरणा

उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया से केसर की खेती करने के तरीके सीखे थे। जिसके बाद कश्मीर से ऑनलाइन बीज मंगाकर बुआई की है।

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किसान ने की अमेरिकन केसर की खेती, एक बीघे में 10 लाख का फायदा, 'मन की बात' से मिली प्रेरणा

किसान ने की अमेरिकन केसर की खेती, एक बीघे में 10 लाख का फायदा, 'मन की बात' से मिली प्रेरणा

पत्रिका न्यूज नेटवर्क

कानपुर देहात-जिले के सरवनखेड़ा ब्लॉक के हिठौली गांव के किसान चंद्रभूषण इस समय चर्चा का विषय बने हुए हैं। वैसे तो यह गांव अतिपिछड़ेपन का शिकार है, लेकिन चंद्रभूषण ने कानपुर देहात के खेतों में पहली बार अमेरिकन केसर की खेती कर इसे हाईटेक कर दिया। इस खेती का तरीका किसान ने सोशल मीडिया से सीखा। वहीं जिले के अधिकारी भी किसान के इस प्रयास की सराहना कर रहे हैं। दरअसल किसान ने देश के प्रधानमंत्री के मन की बात प्रोग्राम से प्रेरणा लेते हुए आत्मनिर्भर होने का सपना पूरा करके दिखाया है। अन्य सभी किसानों से हटकर कर कृषि में आधुनिक तकनीक अपनाकर गांव सहित जनपद का नाम रोशन किया है, जो सभी के लिए नजीर बन चुके हैं।

इस तरह की जाएगी अमेरिकन केसर की खेती

किसान चंद्रभूषण ने परंपरागत खेती से हटकर एक बीघे में अमेरिकन केसर की फसल तैयार की है। उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया से केसर की खेती करने के तरीके सीखे थे। जिसके बाद कश्मीर से ऑनलाइन बीज मंगाकर बुआई की है। फसल लहलहा रही तो आसपास क्षेत्र के किसान भी देखने के लिए तेजी से पहुंच रहे हैं। बताया कि एक बीघे में दस लाख रुपये की आमदनी हो सकती है। जिला उद्यान अधिकारी सुभाष चंद्रा ने बताया कि अमेरिकन केसर की नवंबर माह में बुआई शुरू होती है। साथ ही 15 मार्च तक केसर की फसल को काट लिया जाता है। उन्होंने बताया कि बोवाई करने के 45 दिन बाद पहली सिंचाई की जाती है।

किसान ने बताए इस खेती के फायदे

किसान के मुताबिक एक बीघे में 5-10 किलोग्राम केसर की पैदावार होगी। 8-10 किलोग्राम बीज भी तैयार होगा। केसर की फसल और बीज को मिलाकर उन्हें करीब दस लाख रुपये की आमदनी होगी। इधर अमेरिकन केसर की फसल देखने के लिए आसपास क्षेत्र के गांवों के किसान लोग भी देखने के लिए आ रहे है। जिला उद्यान अधिकारी सुभाष चंद्रा भी अब सराहना कर रहे हैं। जनपद के अधिकारियों का कहना है कि जिले में केसर की खेती का पहला मामला है। एक किसान ने परंपरागत खेती से हटकर प्रयास किया है। इससे उनकी आमदनी बढ़ेगी और अन्य किसानों को प्रेरणा भी मिलेगी। मुख्य विकास अधिकारी सौम्या पांडे ने बताया कि किसान चंद्रभूषण ने देश के प्रधानमंत्री के कार्यक्रम मन की बात को सुनने के बाद ये अनोखी पहल अपनाई है।

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