कानपुर। महाराजपुर थानाक्षेत्र के हाथीपुर गांव में कोर्ट के आदेश का अनुपालन कराने के लिए एसडीएम भारी पुलिस और पीएसी बल के साथ पहुंचे। जेसीवी से पुलिस दीवार को तोड़ने लगी। तभी कुछ लोगों ने इसका विरोध किया तो पुलिस ने हल्काबल प्रयोग कर उन्हें खदेड़ दिया। कुछ देर के बाद ग्रामीण एकजुट होकर पुलिस-पीएसी पर हमला कर दिया। जिससे कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। पुलिस ने लाठीचार्ज कर उपद्रवियों को खदेड़ने के बाद आधा दर्जन लोगों को हिरासत में ले लिया है।
क्या है पूरा मामला
हाथीपुर गांव में आबादी की भूमि पर शैलेन्द्र द्विवेदी का उच्चतर माध्यमिक विद्यालय 1992 से संचालित है। परिसर में एक मंदिर, मिलन केंद्र व बरातशाला भी है। वर्ष 2015 में हाथीपुर निवासी मोहन सिंह उर्फ मोनू सिंह व अन्य लोगों ने स्कूल संचालन का विरोध किया था। मोनू सिंह ने स्कूल में ताला डाल दिया था। इसके बाद शैलेन्द्र द्विवेदी ने सिविल कोर्ट में मोनू सिंह आदि के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। ं अपर सिविल जज सीनियर डिवीजन के आदेश पर शनिवार को एसडीएम नर्वल ज्ञान प्रकाश त्रिपाठी, सीओ सदर भगवान सिंह, तहसीलदार नर्वल विनीत कुमार महाराजपुर व नर्वल पुलिस व पीएसी लेकर गांव पहुंचे थे।
तो ग्रामीणों ने किया विरोध
प्रशासनिक व पुलिस टीम जब जेसीबी से दीवार तोड़कर स्कूल का रास्ता खुलवाने लगी तो ग्रामीण विरोध पर उतर आए। पुलिस ने ग्रामीणों को समझाया लेकिन वो नहीं मानें तो हल्काबल प्रयोग कर उन्हें हटाने का प्रयास किया, तभी गांव के ही संतलाल ने माचिस की तीली जलाकर खुद को जलाने की कोशिश की। पुलिस ने उसे हिरासत में लिया तो आक्रोशित ग्रामीणों ने पथराव कर दिया। इस दौरान एसडीएम समेत कई अधिकारियों को चोटें आई।
गांव में पुलिस-पीएसी तैनात
एसडीएम ज्ञान प्रकाश त्रिपाठी ने बताया कि कोर्ट के आदेश का पालन कराया जा रहा था। मंदिर व मिलन केंद्र लिए मुख्य रास्ता है, जबकि स्कूल में आवागमन के लिए दूसरा रास्ता खुलवाया गया है। सीओ सदर भगवान सिंह ने बताया कि पथराव व सरकारी काम में बाधा डालने वालों को चिह्नित कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। तनाव को देखते हुए गांव में पुलिस के साथ पीएसी तैनात कर दी गई है। गांव में सीओ और एसडीएम ढेरा जमाए हुए हैं।