आग में गृहस्थी जलने से परेशान लीला देवी ने बताया कि उनकी 20 वर्षीय पुत्री राखी की शादी टूंडला से तय की गयी थी, जिसकी बारात मार्च माह में आनी है। इसके लिये 40 हजार रुपये एकत्रित कर रखे गये थे और 13 साड़ियां, लकड़ी के दरवाजे व गेहूं आदि जमा किया गया था। वहीं भाइयों ने बताया कि बहन की शादी के लिये मजदूरी कर 21 हजार रुपये एकत्रित किये थे, वह भी आग में जल गये। अब उनके सामने शादी की तैयारियों को लेकर संकट खड़ा हो गया है।