रमेश ने बताया कि उनदिनों मेरी उम्र करीब 15 साल की हुआ करती थी। इसलिए इन्हें बहुत कुछ तो याद नहीं है, लेकिन अटल अपने सभी दोस्तों में सबसे चंचल स्वभाव के हुआ करते थे। नये साल पर कॉलेज में छुट्टी होने के चलते अपने दोस्तों के साथ जब अटल आए तो सबने ठंडाई बनाने का फैसला किया। अपने दोस्त के घर से सिलबट्टा मांगा और 3 किलो दूध पैसा एक आना देकर लिया। उन सबके आते ही हम भी उनके पास पहुंच गए। उन्होंने हमसे चीनी मांगी और कहा कि इसके बदले दो गिलास ठंडाई देंगे। इस बुजुर्ग के अनुसार, उस दिन अटल जी ने पहली बार इस घाट पर ठंडाई पीसी थी। वो पूरा मूड में थे, खूब गीत गा रहे थे।