गंगा बैराज में पानी के बढ़ते दबाव को देखते हुए सभी गेट खोल दिए गए। जिससे कि तेज गति से गंगा आगे बढ़ रही है। शुक्लागंज में गंगा चेतावनी बिंदु से 1.89 मीटर दूर है। नमामि गंगे योजना के अंतर्गत बनाए गए घाटों तक पानी पहुंच गया है। सिंचाई विभाग गंगा के जलस्तर पर निगाह बनाए हुए हैं।
पिछले कई दिनों से हो रही लगातार बारिश से जनजीवन तो प्रभावित हो ही रहा है। साथ ही किसानों के लिए भी मुसीबत का सबब बन गया है। धान की फसल बारिश ना होने के कारण प्रभावित हो गई थी। अब जब फसल किसानों ने किसी प्रकार तैयार कर ली। तो भारी बारिश कहर बनकर टूट रहा है। कई स्थानों पर भारी बारिश के कारण नुकसान हुआ है। धान के पौधे गिर गए हैं। इधर आज ब्रह्मावर्त घाट बिठूर स्थित ब्रह्म खूटी गंगा नदी में डूब गई। इसको लेकर तमाम प्रकार की चर्चाएं हो रही है। लोगों का कहना है कि ब्रह्मावर्त ब्रह्मखूटी के डूबने से अच्छी बारिश होने की संभावना बन जाती है। ऐसे में पिछले कई दिनों से हो रही बारिश के कारण किसानों की सब्जी की फसल भी बर्बाद हो रही है। अब अगर गंगा का जलस्तर बढ़ता है, तो कटरी क्षेत्र में सब्जी की पैदावार करने वाले लोगों पर इसका असर दिखाई पड़ेगा।
गंगा के बढ़ते जलस्तर के दबाव को देखते हुए गंगा बैराज के सभी गेट खोल दिए गए हैं। जिससे तेज बहाव के साथ गंगा आगे बढ़ रही है। सबसे ज्यादा कटरी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों पर इसका असर दिखाई पड़ेगा। जहां गंगा का जल पहुंचने की संभावना है।
जिला प्रशासन सतर्क
मिली जानकारी के अनुसार नरौरा बांध की तरफ की तरफ से आ रहे गंगाजल को देखते हुए गंगा बैराज के सभी 30 गेट को खोल दिया गया है। जिसके कारण अब शुक्लागंज में गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु से 1.89 मीटर दूर रह गया है। उल्लेखनीय है शुक्ला गंज में गंगा का चेतावनी बिंदु 113 मीटर है। गंगा बैराज से छोड़े गए पानी के कारण नमामि गंगे के अंतर्गत बनाए गए घाटों पर पानी पहुंच गया है। गांव में भी प्रशासन सतर्कता बरत रहा है। लोगों को इस संबंध में जानकारी दी जा रही है।