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ईवीएम के खिलाफ अखिलेश यादव का सत्याग्रह, कानपुर में पहला मोर्चा

चुनाव आयोग द्वारा हमेशा यही स्पष्टीकरण दिया जाता है कि ईवीएम हैक नहीं हो सकता है, लेकिन....

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ईवीएम के खिलाफ अखिलेश यादव का सत्याग्रह, कानपुर में पहला मोर्चा

कानपुर . ईवीएम से चुनाव नहीं होंगे, अगला लोकसभा चुनाव बैलेट पेपर से होगा। इसी उद्देश्य के साथ सपा के सुल्तान अखिलेश यादव ने अपनी फौज को ईवीएम के खिलाफ शहर-शहर और गांव-कस्बों में जंग छेडऩे का आदेश दिया है। पहली कड़ी में बागी तेवर वाले शहर यानी कानपुर में समाजवादी पार्टी ईवीएम के खिलाफ आर-पार की लड़ाई में जनता के साथ मैदान में उतरने के मूड में है। पार्टी चाहती है कि अगले लोकसभा चुनाव सिर्फ बैलट पेपर से होना चाहिए। उम्मीद है कि ऐसा हुआ तो प्रदेश में भाजपा को दस सीट भी नहीं मिलेंगी। गौरतलब है कि चुनाव आयोग और भाजपा चाहती है कि लोकसभा चुनाव ईवीएम से होना चाहिए। फिलहाल, समाजवादी पार्टी की कानपुर ईकाई ने राष्ट्रीय अध्यक्ष के निर्देश पर ईवीएम के खिलाफ मोर्चा खोलने के लिए कार्य योजना भी बनाई है।


सत्याग्रह में जनता को साथ जोडक़र आगे बढ़ेगी सपा

नवीन मार्केट स्थित केंद्रीय कार्यालय में एसपी की नगर कमेटी ने तय किया कि ईवीएम के खिलाफ लड़ाई को लेकर जनता के बीच जाएंगे। ईवीएम के खिलाफ जन आंदोलन में एसपी कार्यकर्ता के साथ शहर की जनता भी उतरेगी। सपा ने ईवीएम को देश के लिए खतरा बताया है, साथ ही बीजेपी पर आरोप भी लगाया कि ईवीएम हैक कर देश के कई राज्यों में सत्ता हासिल करने वाली बीजेपी चाहती है कि लोकसभा चुनाव भी ईवीएम से कराया जाए। ईवीएम के खिलाफ जंग को पार्टी ने सत्याग्रह नाम दिया है। सपा के जिलाध्यक्ष मोईन खान के मुताबिक बीजेपी यह कभी नहीं चाहेगी कि बैलट पेपर से चुनाव कराए जाएं। उन्होंने आरोप लगाया कि संवैधानिक संस्था चुनाव आयोग बीजेपी के अलावा अन्य दलों की बात सुनने को तैयार नहीं है।


नौजवानों को भाजपा की मंशा भी समझाएगी सपा की फौज

मोईन खान ने कहाकि चुनाव आयोग द्वारा हमेशा यही स्पष्टीकरण दिया जाता है कि ईवीएम हैक नहीं हो सकता है। उन्होंने कहाकि यदि लोकसभा चुनाव बैलट पेपर से नहीं हुए तो इसके बड़े ही गंभीर परिणाम हो सकते है। देश का मतदाता बड़े अरमानो से अपने पसंदीदा कैंडिडेट को वोट देता है और वो वोट किसी और के खाते में चला जाता है, इससे बड़ी जालसाजी और क्या हो सकती है। मोईन खान ने बताया कि हमारी एक बड़ी फ़ौज जनता के बीच जाकर ईवीएम से होने वाले चुनाव से होने वाले खतरों से अवगत कराएगी। युवाओं को सोशल मिडिया के माध्यम से जानकारी दी जाएगी कि आप का वोट कोई चोरी कर रहा है. इसके साथ ही ईवीएम के खिलाफ जनता को भी तैयार करेंगे। हस्ताक्षर अभियान चलाकर जनता के बीच जागरूकता लाने का काम करेंगे, जरूरत पड़ी तो सडक़ पर उतर कर एक बड़ा आन्दोलन का रूप देंगे।