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कानपुर से दिल्ली तक का सफर होगा सुहाना, प्लेन की तरह ट्रेन में मिलेगी यात्रियों को सुविधाएं

कानपुर से दिल्ली तक का सफर होगा सुहाना, प्लेन की तरह ट्रेन में मिलेगी यात्रियों को सुविधाएं
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कानपुर

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Ruchi Sharma

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Updated: 1 Jan 2018, 2:52 PM IST

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कानपुर. नववर्ष में कानपुर के लोगों को रेलवे की तरफ से एक बड़ा तोहफा दिया गया है। प्लेन की तरह सुविधाओं से युक्त शताब्दी सेंट्रल से दिल्ली तक का सफर तय करेगी। कैरिज एंड वैगन विभाग के कर्मचारी एक महीने से जुटे थे। ट्रेन के सभी कोच में भीतर धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों के चित्र लगे हैं। स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े ऐतिहासिक स्थलों का नजारा भी देखने को मिलेगा। एनसीआर के जीएम एमसी चौहान, डीआरएम एसके पंकज ने अत्याधुनिक कोचों का लोकार्पण किया। आज से नई कोचों वाली ट्रेन दिल्ली को रवाना होगी।

रेलवे जीएम का कहना है कि शताब्दी और श्रमशक्ति में यह कोच लगाए गए हैं तो प्लेन की तरफ से सुविधाएं से लैस है। बोले, सुरक्षा की दृष्टि से ट्रेनों की गति धीमी करवाई गयी है जिससे यात्री सुरक्षित रहे और कोई हादसा ना हो। ठण्ड के मौसम में ट्रेनों का इंतजार कर रहे यात्रियों के लिए वेटिंग हाल में रूम हीटर लगवाये जाएंगे, जिससे यात्री ठण्ड से बच सके। रेलवे जीएम ने बताया कि जल्दी ही कानपुर वा इलाहाबाद रेलवे स्टेशन का करोड़ों रुपये लगाकर कायाकल्प किया जायेगा।

शताब्दी और श्रृमशक्ति पर लगाए गए नए कोंच

रेलवे ने अक्टूबर में स्वर्ण प्रोजेक्ट के तहत देश की 16 ट्रेनों को आधुनिक सुविधा वाली बनाने का फैसला लिया था। इसके तहत एनसीआर जोन की कानपुर शताब्दी भी शामिल थी। रेलवे ने आधुनिक सुविधाओं के नाम पर किराया नहीं बढ़ाने का फैसला लिया है। रेलवे के जीएम ने कोचों को निरीक्षण किया और इन्हें शताब्दी और श्रृमशक्ति पर लगाए जाने के आदेश दिए। सोमवार को ये कोंच शताब्दी में लगाए गए।

कोंच पूरी तरह से प्लेन की तरह से सुविधाएं से लैस हैं और इनके अंदर धार्मिक और स्वंतत्रता संग्राम से जुड़े स्थलों के चित्र भी लगाए गए हैं। इस मौके पर जीएम ने समय से काम पूरा करने पर रेलवे के कर्मचारियों को बधाई दी। जीएम ने कहा कि यात्रियों को पहले की तरह से किराए देना होगा। इन सभी कोचों का निर्माण कानपुर के न्यू कोचिंग कॉम्प्लेक्स में किया जा रहा है। दो ट्रेनों के कोच तैयार हो गए हैं, बाकि 14 के लिए काम चल रहा है। एमसी चौहान ने दावा किया है कि कानपुर से चलने वाली श्रृमशक्ति सहित जितनी एक दर्जन एक्सप्रेस ट्रेनें हैं, इन सभी में ढाई साल में एलएचबी कोच लगा दिए जाएंगे। ऐसे कोच का उत्पादन हर साल तीन हजार कोचों का रखा गया है।

रेलवे ने कानपुर को दी कई सौगातें

एनसीआर जीएम एमसी चौहान ने कहा कि नए साल के फरवरी से हमसफर ट्रेन इलाहाबाद से आनंदविहार टर्मिनल चलाई जाएगी। इस ट्रेन का कानपुर सेंट्रल पर ठहराव के साथ ही सीटें भी रिजर्व रहेंगी। इस नई ट्रेन का शहरी भी पूरा लाभ उठाएंगे। यह इलाहाबाद दुरंतो के समय पर इलाहाबाद और कानपुर से छूटेगी। जीएम ने जर्जर क्वार्टरों के बारे में बताया कि कानपुर में जितने भी जर्जर क्वार्टर है, उतने सभी ध्वस्त होंगे। चरणवार इनको गिराने का काम शुरू हो गया है।

मार्च-2018 तक 600 क्वार्टर नए बना कर्मचारियों को दिए जाएंगे। जीएम ने बताया कि 15 जनवरी से लखनऊ शताब्दी एक्सप्रेस का संचालन सात के बजाय नौ नंबर प्लेटफॉर्म से किया जाएगा। इसके लिए नौ को सजाया और संवारा जा रहा है। इसके बाद इसका संचालन शुरू हो जाएगा। इसके बाद यात्री सिटी साइड से सीधे आकर ट्रेन में चढ़ सकेंगे।

138 साल पुरानी क्रेन सज-धज कर तैयार

एनसीआर के जीएम एमसी चौहान ने कोचिंग कॉम्प्लेक्स में खड़ी ब्रिटिशकालीन 138 साल पुरानी हैंड क्रेन को परखा और उसे चलवा कर देखा। डायरेक्टर जितेंद्र कुमार ने बताया कि यह क्रेन 1879 में इंग्लैंड की कंपनी ने सप्लाई किया था और बाद में रेलवे ने इसे बेड़े में शामिल हो किया था। यह क्रेन तब कानपुर आई थी जब ब्रिटिश इंडिया कंपनी की रेल अनवरगंज से कन्नौज को चलती थी। तब अनवरगंज को पलटइया स्टेशन के नाम से जाना जाता था। ट्रेनों से आने वाले माल को उतारने और ट्रेन डिरेलमेंट होने पर यही क्रेन इस्तेमाल होती थी। डायरेक्टर जितेंद्र कुमार ने बताया कि एनसीआर की सबसे पुरानी इस क्रेन के पहिए बदल दिए गए। हाथ से घुमाने के साथ ही हाईडोल्कि सिस्टम लगा दिया गया।