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नहीं हुआ आरओ, तो रद्द होगी स्कूल की मान्यता

खबर कुछ ऐसी है कि अब इंटरमीडिएट तक संचालित होने वाले सभी स्कूलों को वहां पढ़ने वाले बच्चों की सेहत का खास ख्‍याल रखना होगा.

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नहीं हुआ आरओ, तो रद्द होगी स्कूल की मान्यता

कानपुर। बिल्‍कुल सही सुन रहे हैं आप. खबर कुछ ऐसी है कि अब इंटरमीडिएट तक संचालित होने वाले सभी स्कूलों को वहां पढ़ने वाले बच्चों की सेहत का खास ख्‍याल रखना होगा. इसके लिए शासन ने इंटरमीडिएट तक के सभी स्कूलों में स्वच्छ पानी के लिए आरओ सिस्टम लगाना अनिवार्य कर दिया है. अगर किसी स्कूल में आरओ सिस्टम नहीं मिला तो तत्काल प्रभाव से उसकी मान्यता रद्द कर दी जाएगी. इसके अलावा नए स्कूल की मान्यता हासिल करने के लिए भी प्रबंधन को पहले से आरओ सिस्टम लगाना होगा.

यहां से होगी शुरुआत
डीआईओएस सतीश कुमार तिवारी के अनुसार मुख्यमंत्री आरओ पेयजल योजना के तहत सभी स्कूलों में आरओ वाटर सिस्टम लगाए जाने हैं. प्राइवेट स्कूलों में भी आरओ वॉटर सिस्टम लगा होने पर ही मान्यता दी जाएगी. इसकी शुरुआत गवर्नमेंट ने खुद ही की है. इसके तहत सभी प्राइमरी व जूनियर स्कूलों में वॉटर आरओ सिस्टम लगवाए जाने हैं. वहीं, सभी प्राइवेट स्कूलों को भी इस संबंध में अवगत कराया जाएगा.

ऐसे लिया सबक
उन्होंने बताया कि ज्यादातर स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को शुद्ध पानी पीने को नहीं मिल पाता है. इससे उनको कई तरह की गंभीर बीमारियां जैसे जापानी इंसेफलाइटिस व एक्यूट इंसेफलाइटिस सिंड्रोम आदि जैसी बीमारियां होने के कई मामले सामने आए हैं. इससे सीख लेते हुए शासन स्तर पर अहम फैसला लिया गया.

भेजा नोटिस
उन्होंने बताया कि सभी स्कूलों को अपने परिसर में आरओ सिस्टम लगवाने संबंधी नोटिस भेज कर अवगत कराया जाएगा. इसके बाद विभाग अपने स्तर से टीमों का गठन कर औचक निरीक्षण करेगा, यदि किसी स्कूल में आरओ वाटर सिस्टम लगा नहीं मिला तो सीधे मान्यता रद्द की जाएगी.

ऐसा कहना है अधिकारियों का
इस बारे में डीआईओएस कानपुर, सतीश कुमार तिवारी कहते हैं कि पीने के पानी से कई तरह की बीमारियां होती हैं. इससे बच्चों को बचाने के लिए स्कूलों में आरओ सिस्टम लगवाना अनिवार्य किया गया है. इसकी शुरुआत गवर्नमेंट स्कूलों से की जाएगी. प्राइवेट स्कूलों को भी बच्चों को आरओ वाटर पीने के लिए मुहैया कराना होगा.

28 हजार स्‍कूलों से होगी शुरुआत
इसके लिए शुरुआत में ही 28,000 प्राइमरी स्कूलों योजना की शुरुआत की जाएगी. ऐसे में 25 लीटर क्षमता वाला आरओ सिस्टम होगा अनिवार्य होगा. इस पूरी योजना में करीब 71.50 करोड़ रुपये का खर्च होगा.

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