
प्री मेच्योर बच्चों की आंखें होंगी ज्यादा नाजुक
कानपुर। प्री-मेच्योर बच्चों को जन्म के बाद आंखों की समस्या होने की संभावना ज्यादा रहती है. ऐसे में शुरू में ही उनकी आंखों की जांच जरूर करानी चाहिए. इसके पीछे कारण है कि क्योंकि उनकी आंख कमजोर होने या भैंगापन का खतरा ऐसे बच्चों में ज्यादा रहता है. यह जानकारी यूपी आफ्थेलमोलाजिकल सोसाइटी की 53वीं कांफ्रेस में आए नेत्ररोग विशेषज्ञों ने दी. मौके पर मिली और क्या जानकारी, आइए जानें.
ऐसी मिली जानकारी
यहां आगरा से आए डॉ. धर्मेंद्र नाथ ने बताया कि आपका बच्चा भी अगर प्री-मेच्योर है तो ऑक्सीजन व दूसरी वजहों से उसको आंख की समस्या होने का खतरा ज्यादा बना रहता है. कम उम्र में इसका पता चल जाए तो उसे ठीक किया जा सकता है. इसके विपरीत बच्चे की उम्र बढ़ने के साथ आंख पर जोर ज्यादा पड़ता है, जिससे समस्या और बढ़ जाती है. ऐसे में इन बच्चों का ज्यादा ध्यान रखने की जरूरत है. वहीं इसको नजरअंदाज करने पर इसके विपरीत परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं.
देना होगा आंखों को आराम
प्रयागराज से आए वरिष्ठ नेत्ररोग विशेषज्ञ डॉ. कमलजी सिंह ने आंखों की साफ सफाई के महत्व को बताया. उन्होंने कहा कि नियमित तौर पर आंखों को ठंडे पानी से धोएं, 20 मिनट से ज्यादा कंप्यूटर पर बैठे तो उसके बाद आंखों को कुछ मिनटों का आराम भी दे. आंखों में सूखेपन की समस्या होने पर लुब्रीकेंट डालें. बिना डॉक्टर से पूछे कोई दवा आंख में डालने से बचे.
दिखाए नए विकास
यूपी स्टेट ऑफ्थेलमोलाजिकल सोसाइटी की 53वीं कांफ्रेंस के पहले दिन जेएल रोहतगी आई हॉस्पिटल में फेको विधि से होने वाली नई तरह की सर्जरी का लाइव प्रसारण किया गया. इस तरह की 9 सर्जरी डॉक्टर्स ने की. इस दौरान मेडिकल कॉलेज ऑडिटोरियम में विशेषज्ञों ने व्याख्यान भी दिए. इन व्याख्यान में लोगों के हित को ध्यान में रखते हुए तमाम तरह की जानकारी दी गई.
Published on:
03 Nov 2018 02:32 pm
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