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डीएम ने ग्रीनपार्क में लगाई योगा की पाठशाला , हजारों लोगों ने ओम-विलोम का सीखा ककहरा

ग्रीनपार्क स्टेडियम में सुबह से लोगों का तांता, डीएम-एसएसपी, जनप्रतिनिधियों ने किया योग, अगले साल फिर से आने की शपथ ले अपने-अपने घरों के लिए रवाना

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international yoga day views green Park Stadium in kanpur

डीएम ने ग्रीनपार्क में लगाई योगा की पाठाशाला, हजारों लोगों ने ओम-विलोम का सीखा ककहरा

कानपुर। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर कानपुर के ग्रीन पार्क स्टेडियम में योगा का आयोजन किया गया। सुबह सात से आठ बजे तक आयोजित किये गए योगा कार्यक्रम में प्रशाशनिक अधिकारियां समेत कानपुर के हजारों लोगों ने योग किया। यहां पर लोगों को योगा के गुर सिखाए गए। साथ ही योगा से शरीर को क्या लाभ और बामरियों से किस तरह से मिक्त मिलती है उसकी जानकारी भी दी गई। जिलाधिकारी सुरेंद्र सिंह ने बताया कि जो लोग योग करते हैं वह निरोग रहते हैं। पूरे विश्व में योग का महत्व बढ़ता जा रहा है हमारे ऋषि मुनियों ने सदियों मेहनत करके योग का अविष्कार किया था। यह चौथा अंतर्राष्ट्रीय योगा दिवस है जोकि पूरे विश्व में मनाया जा रहा है। डीएम ने लोगों का अभार जताते हुए कहा कि आपने योगा को घर-घर पहुंचाया, जिसके चलते हम इस कार्यक्रम को सफल बना सकें।
बैट-बॉल की जगह ओम-विलोम
वर्ल्ड योगा डे पर शहर के इंटरनेशलन क्रिकेट स्टेडियम में बैब्-बॉल की जगह योगा की पाठशाला का आयोजन किया। यहां देरशाम से लोगों का आने का सिलसिली शुरू हो गया। सुबह डीएम सुरेंद्र सिंह स्टेडियम पहुंचे और योगा शुरू किया। डीएम ने योग करने के फाएदे गिनाए और इसे सफल बनाए जाने पर कानपुर के लोगों को धन्यवाद किया। डीएम गुरूवार को प्रशासननिक अफसर के बजाए योग गुरू के रूप में दिखे। खुद योगा किया और लोगों को योगा का ककहरा पढ़ाया। इस मौके पर युवा, जवान,बुजुर्ग, महिलाएं और युवतियों का तांता लगा रहा है। ग्रीनपार्क स्टेडियम में पूरा महौल योग की तरह दिख रहा था। कोई ओम-विलोम के जरिए अपने शरीर को स्वास्थ्स रखने के लिए योगा कर रहा था कोई अन्य तरीके से योग कर लोगों को भी सिखा रहे थे।
प्लास्टिक मुक्त शहर का संकल्प
लोगों को ग्रीनपार्क तक लाने के लिए विजय नगर चौराहा, किदवई नगर चौराहा, सीएसए के पास कंपनी बाग चौराहा, गुरुदेव चौराहा, रामादेवी चौराहा और बर्रा चौराहे पर सुबह छह बजे से बसों के जरिए लाया गया। योग दिवस के अवसर पर डीएम ने शहर को लास्टिक मुक्त के लिए शपथ दिलवाई। डीएम सुरेंद्र सिंह बताया कि आज की व्यस्त दिनचर्या में लोग योग को फैशन की तरह अपना रहे हैं। उन्होने बताया कि भागदौड़ भरी जिंदगी में तनाव से निजात पाने के लिए कम से कम पांच मिनट का योग करना आवश्यक है। लगातार 5 घंटे कार्य करने के बाद एकांत स्थान पर मन को एकाग्र कर आखें बदं करके बैठ जाएं। रीढ़ की हड्डी को सीधा ही रखें। इससे आपकी थकान कम होगी और खुद को तरोताजा महसूस करेंगे। वही जिला प्रशासन ने ग्रीनपार्क में महिलाओं और बुजुर्गों को योगा कराने के लिए विशेष इंतजाम किए हैं। प्लास्टिक की पानी की बोतलों और गिलास पर रोक थी। इस दौरान प्रधानमंत्री के योग का भी सजीव प्रसारण किया गया। इसके लिए े एलईडी स्क्रीन लगवाई थीं।

बताए गए फाएदे
योग गुरु राजेंद्र सिंह ने बताया कि आंखो को चारों दिशाओं में घुमाते हुए आंखों की एक्सरसाइज करें। अपनी भौंहों को उंगलियों से धीरे-धीरे दबाएं। इससे सरदर्द में काफी हद तक आराम मिलेगा। साथ ही बताया कि दिनभर में कुछ समय योग के लिए निकालेंगे तो डॉक्टर के पास जाने की आवश्यकता ही नहीं पड़ेगी। यही नहीं आप हर समय खुद को एनर्जेटिक महसूस करेंगे। योग से आपकी कार्य करने की क्षमता में भी इजाफा होगा। आपको जानकर आश्चर्य होगा कि योग में ऐसे-ऐसे आसन हैं जिन्हे अपनाकर असाध्य बीमारियों से भी छुटकारा पाया जा सकता है। योग गुरू ने बताया कि गर्मियों में योग करने से पाचन क्रिया दुरुस्त होती है। भूख न लगने की समस्या से छुटकारा मिलता है। माइग्रेन जैसी बीमारी भी प्रतिदिन योग करने से सही ठीक हो जाती है। योग से साइनस सूजन की परेशानी नहीं होती है।प्रतिदिन योग करने से हाथ पैर कमर में अकड़न की समस्या भी ठीक हो जाती है। योग करने से एकाग्रता का स्तर बढ़ता है।जिन लोगों में धैर्य की कमी होती है उनके लिए योग रामबाण उपाय है।
योग के इतिहास से रूबरू हुए लोग
योग गुरू ने बताया कि योग शब्द की उत्पति संस्कृत भाषा के युज शब्द से हुई है। जिसका मतलब होता है आत्मा का सार्वभौमिक चेतना से मिलन। योग लगभग दस हजार साल से भी अधिक समय से अपनाया जा रहा है। वैदिक संहिताओं के अनुसार तपस्वियों के बारे में प्राचीन काल से ही वेदों में इसका उल्लेख मिलता है। सिंधु घाटी सभ्यता में योग और समाधि को प्रदर्शित करती मूर्तियां प्राप्त होना भी इसका प्रमाण है। 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाया जाता है। योग का लक्ष्य स्वास्थ्य में सुधार से लेकर मोक्ष प्राप्त करने तक है। योग की महत्ता के बारे में महाभारत में भी इसका वर्णन किया गया है। यहां योग का लक्ष्य ब्रह्मा के दुनिया में प्रवेश के रूप में वर्णित किया गया है।

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