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सिपाही की गोली लगने से हुई मौत, पुलिस के अधिकारी इस पहेली में उलझे

दरअसल सिपाही पेट्रोल पम्प पर बात करने के बाद लघुशंका के लिये कुछ दूरी पर गया। तभी गोली चली और सिपाही के सीने मे गोली लगी हुयी थी और कंधे पर टंगी रायफल जमीन पर पडी थी।
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कानपुर

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Arvind Kumar Verma

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Updated: 3 Oct 2018, 7:04 PM IST

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सिपाही की गोली लगने से हुई मौत, पुलिस के अधिकारी इस पहेली में उलझे

कानपुर देहात-पुलिस विभाग में उस समय हड़कम्प मच गया, जब गजनेर थाना के पामा चौकी में तैनात सिपाही ड्यूटी के दौरान राइफल से गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हो गया। हालांकि घायल सिपाही को आनन फानन में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहाँ हालात गंभीर देख निजी अस्पताल राजावत में भर्ती करा दिया गया लेकिन हालत में सुधार न होने के चलते कानपुर रिजेंसी अस्पताल ले जाया गया, जहाँ रास्ते मे सिपाही की मौत हो गयी। सूचना पाकर मौके पर पहुँचे एसपी राधेश्याम व पुलिस क्षेत्राधिकारी अर्पित कपूर मामले की छानबीन में जुटे हैं। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की छानबीन में जुटी है। पुलिस गोली की इस घटना को सरकारी राइफल से गोली चलने की बात कह रही है। देखा जाए तो पुलिस अभी खुद ही पूरे मामले में उलझी हुई नजर आ रही है।इस पूरे मामले में पुलिस के सामने अनसुलझे पहलू खड़े हैं कि गोली मारी है या कोई और मामला है।

दरअसल पूरा मामला गजनेर थाना के पामा चौकी का है, जहाँ 57 वर्षीय सिपाही नरेश चन्द्र यादव लगभग डेढ़ साल से यहां तैनात थे। नरेश चन्द्र यादव मूल रूप से इटावा जनपद के रहने रहने वाले थे। मिली जानकारी के मुताबिक नरेश अपने साथी सिपाही वेद प्रकाश तिवारी के साथ ड्यूटी के दौरान गस्त के लिए निकले थे और चौकी से महज कुछ ही दूरी पर निवेदिता फिलिंग सेंटर पर बैठ गये। इस बीच वे पेट्रोल पम्प मालिक से बात करने लगे। बात करने के दौरान वे थोड़ी देर बाद उठे और लघुशंका की बात कहकर थोड़ी दूर चले गए। तभी अचानक गोली की जोरदार आवाज हुई। गोली चलने की आवाज़ सुनकर पेट्रोल पम्प मालिक एवं साथी अचानक दौड़े तो देखा कि राइफल नीचे गिरी पड़ी है और सिपाही के बाई तरफ सीने में गोली लगी है।

तत्काल लोगों ने सिपाही को पहले जिला अस्पताल भर्ती कराते हुए आला अधिकारियों को घटना की सूचना दी। इसके बाद निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां हालत बिगड़ने के कारण कानपुर रिजेंसी ले गए। जहाँ डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। वहीं घटना स्थल पर पहुँचे पुलिस कप्तान राधेश्याम राइफल लेकर वारदात की छानबीन कर रहे हैं। विभागीय अफसर खुद नही समझ नही पा रहे हैं कि गोली आखिरकार चली तो सीने में कैसे लगी। क्योंकि राइफल इतनी लंबी होती है। वही मृतक सिपाही के परिजनों का कहना है कि उन्होंने खुद को गोली नही मारी है बल्कि उन्हें गोली मारी गयी है। जब कि पुलिस घटना को आत्महत्या मान रही है।