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सपने पूरे करने की जिद सीखना हो तो जयजीत से सीखें

पीसीएस.2016 की टॉपर जयजीत कौर होरा 2015 से दिल्ली में रहकर तैयारी कर रहीं थीं, खुद की लगन और पति की कड़ी मेहत के ब ल पर हासिल किया मुकाम।

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jayjeet kaur of kanpur is the of topper of up pcs 2016

सपने पूरे करने की जिद सीखना हो तो जयजीत से सीखें

कानपुर। लगन व मेहनत का संगम हो तो कोई भी मुकाम मुश्किल नहीं होता। कानपुर की बेटी जयजीत कौर होरा की सफलता की कहानी कुछ ही है। कुछ समय पहले तक सामान्य महिला के रूप में पहचान रखने वाले कौर एकाएक खास हो गई। यूपी लोकसेवा आयोग की पीसीएस 2016 परिक्षा में प्रदेश में पहला स्थान कानपुर की बेटी गुमटी निवासी जयजीत कौर ने बनाया। कौर वर्तमान में दिल्ली में तैयारी कर रही हैं। वो अपनी इस कामयाबी के पीछे पति का अहम रोल मानती हैं। कहती हैं कि वो अधिकारी बनकर शिक्षा से वंचित बच्चों को शिक्षित करने के लिए मेहनत करेंगी।

कौन हैं कौर
पीसीएस परिक्षा में प्रथम स्थान लाने वाली जयजीत कौर मूलरूप से कानपुर के कौशलपुरी स्थित गुमटी नंबर 5 की रहने वाली हैं। देरशाम जैसे ही परीक्षा परिणाम आया तो उनके घर पर लोगों का तांता लग गया। कौर 2015 से दिल्ली में अपने पति के साथ रहती हैं और सिविल परिक्षा की तैयारी कर रही हैं। उन्होंने प्रथम प्रयास में ये सफलता हासिल की। पत्रिका के साथ खास बातचीत के दौरान कौर ने बताया कि जब मैं 7 वीं क्लास में थी, तभी मेरी मुलाकाल लखनऊ में गोमतीनगर स्थित विरामखंड निवासी आशुतोष से हुई। आशुतोष के पिता कानपुर में एडिशनल कमिश्नर के पद पर तैनात थे। आशुतोष के पिता का ट्रांसफर मेरठ हो गया और वो यहां से चले गए। कुछ सालों के बाद मैं इंजीनियरिंग की पढ़ाई के लिए लखनऊ गई, जहां मेरी मुलाकात फिर से आशुतोष से हो गई। फिर हम दोनों के बीच दोस्ती और साथ में एमबीए की पढ़ाई की। 2015 में हमने सात फेरे ले लिए।

पति ने पढ़ाया ट्यूशन
कौर बताती हैं कि शादी के बाद मैंने सिविल परीक्षा की तैयारी के लिए पति से कहा। उन्होंने हामी भर दी। हम दोनों दिल्ली चले गए। 4 साल तक कड़ी मेहनत की। कभी कोचिंग नहीं की। स्वयं के बनाए नोट्स और पति की सलाह और ट्यूशन के बल पर परिक्षा उत्तीर्ण की। कौर के पिता सबरजीत होरा कारोबारी हैं, जबकि मां हादस वाइफ। तीन भाई बहनों में जयजीत दूसरे नंबर पर हैं। बड़ी बहन समरजीत कौर जीएसपीएम मेडिकल कॉलेज में डॉक्टर हैं। जयजीत ने बताया कि 12 वीं की परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद में लखनऊ से आईईटी 2006 में बीटेक किया। दो साल तक पूणे में नौकरी की। 2010 में मुम्बई से एमबीए कियाऔर एक आईटी कंपनी में जॉब की।
पति के साथ ससुर का मिला साथ

कौर ने बताया कि शादी के बाद 2015 में पति के साथ ही ससुर एसएस मिश्रा (सेवानिवृत अपर आयुक्त वाणिज्य कर) ने तैयारी करने की सलाह दी। इस पर पति आशुतोष के साथ तैयारी शुरू कर दी और शुक्रवार शाम आए रिजल्ट में टॉपर बनकर सामने आईं। जयजीत ने कहा कि तैयारी का माद्दा खुद में होना चाहिए। कहीं भी रहकर आप पढ़ाई कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि आठ से दस घंटे पढाई के साथ सेल्फ स्टडी पर फोकस रखने के कारण उन्हें यह सफलता मिली है।