कानपुर। उसकी शादी को 10 साल से ज्यादा समय हो चुका है। लेकिन इन सालों में उसके कोई औलाद नहीं हो सकी तो फिर शुरू हो गया उसके जिस्म से हैवानियत का खेल। सात जनम तक साथ निभाने का वादा करके लाया उसका पति ही उस मासूम के जिस्म का दुश्मन बन गया। अब उसकी जिन्दगी नरक में बदल गयी एक-दो नहीं पांच से ज्यादा आदमियों की जिस्म की भूख मिटाने के दबाव में उसको भूखा तो रहना ही पड़ता है औऱ उसके शरीर में बने हैवानियत के निशान दर्द और जुल्म को खुद-ब-खुद बयां करते है।